अमरोहा। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में छात्र संख्या को बढ़ाने में गुरु जी कामयाब नहीं हो सके हैं। जिले में 180 ऐसे प्राइमरी स्कूल चिह्नित हैं जिनमें 30 से कम छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती है। प्रति महीने वेतन पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं लेकिन छात्र संख्या बढ़ नहीं सकी है। ऐसे स्कूलों का ब्योरा एकत्र हो गया है। इनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है। माना जा रहा है इन स्कूलों का संचालन बंद हो सकता है।
जिले के परिषदीय स्कूलों में 1,15,868 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। वर्ष 2019-20 के सापेक्ष 15,94 छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ गई है। मालूम हो कि वर्ष 2019-20 में कुल 1,14,274 छात्र-छात्राएं नामांकित थे। बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता नि:शुल्क बंट रहा है ताकि छात्र-छात्राओं की संख्या स्कूलों में बढ़ सके, लेकिन जिले के परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या को बढ़ाने में शिक्षक विफल साबित हुए हैं। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूलों में पठन-पाठन ठप है। ऑनलाइन क्लास के साथ मोहल्ला पाठशाला शुरूहो गई है। दरअसल ऑनलाइन क्लास से पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर शिक्षकों की संबद्धता समाप्त हो गई है। अब ऐसे स्कूल चिह्नित किए गए हैं जिनमें 30 से कम बच्चें नामांकित हैं। जिले में 228 स्कूल शामिल हैं, जिनमें सर्वाधिक 180 स्कूल प्राइमरी स्तर के हैं। एक स्कूल में औसतन दो शिक्षक तैनात हैं। इन लोगों के वेतन पर प्रति महीने एक करोड़ से अधिक रुपये खर्च हो रहे हैं।