योगी सरकार के बनते ही मीट कारोबार पर शिकंजा कस दिया गया है। अवैध रूप से चलने वाली मीट शॉप की दुकानें बंद कराई जा रही हैं। अब कॉमन सर्विस सेंटर पर रोक लगा दी गई है। ये सेंटर मीट कारोबार को न तो ऑनलाइन पंजीकरण करेंगे, न लाइसेंस जारी कर सकेंगे। शासन स्तर से मीट कारोबार की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए 17 कड़े नियम जारी किए गए हैं। अब इन नियमों को पूरा करने के बाद ही लाइसेंस पा सकेंगे।
एफडीए द्वारा जारी लाइसेंस ही मान्य होगा। साथ ही एफडीए तभी लाइसेंस जारी करेगा, जब मीट शॉप पर सभी मानक पूर्ण होंगे। इसके लिए विभागीय खाद्य निरीक्षकों द्वारा मीट शॉप का निरीक्षण किया जाएगा। शारीरिक व मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति किसी भी हाल में मीट शॉप पर काम नहीं कर पाएगा। मीट शॉप विक्रेता को स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। मीट शॉप पर किसी भी पशु व पक्षी का कटान नहीं किया जा सकता।
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कमान संभालते ही कई कड़े कदम उठाए हैं। अवैध रूप से चल रही स्लाटर हाउस और मीट शॉप की बंद कराई जा रही हैं। मीट की बिक्री को पुराने नियमों में बदलाव करते हुए नए नियम जारी किए गए हैं। जिनका हर हाल में पालन कराया जाएगा। इससे मीट कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एक के बाद एक नियम सख्त कर दिए गए हैं।
नगर पालिका प्रशासन मीट कारोबार को लाइसेंस जारी नहीं कर सकेंगे। अब कॉमन सर्विस सेंटर पर भी रोक लगा दी गई है। ये सेंटर न तो मीट कारोबार को ऑनलाइन पंजीकरण करेंगे न ही ऑनलाइन लाइसेंस जारी कर सकेंगे।
सिर्फ एफडीए द्वारा जारी लाइसेंस ही मान्य होंगे। हर हाल में मीट शॉप पर शुद्धता को सुनिश्चित कर दिया गया है। अगर कोई मीट व्यापारी नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मीट कारोबारियों अब लोहे के नहीं बल्कि स्टील के हथियार का ही प्रयोग करेंगे।