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कोल्हू संचालकों की चांदी, लुट रहा किसान

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गजरौला। गन्ना सीजन आते ही कोल्हू संचालकों ने चांदी काटनी शुरू कर दी है। मेहनतकश किसान लुट रहा है। संचालकों की मनमानी के आगे साल भर कमाई औने पौने दाम में बेचने को मजबूर है। इसकी वजह अभी तक शुगर मिलों का पेराई सत्र शुरू न करना हैं।
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क्षेत्र में गन्ना पेराई के लिए कोल्हू व क्रेशर संचालित हो गए है। शुगर मिले अभी तक संचालित नहीं हुई है। बरसात के बाद किसान आर्थिक रूप से परेशान है, पशुओं के लिए चारे का संकट है। इससे निपटने के लिए किसानों ने गन्ने की फसल की कटाई शुरू कर दी है। कोल्हू संचालक 180 रुपये प्रति कुंतल के भाव से गन्ना खरीद रहे है, जबकि गत शासन ने 325 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया था। इस वर्ष अभी तक शुगर मिल शुरू नहीं हुई है। किसान पशुओं के चारे व त्योहार पर जरूरतें पूरी करने के लिए गन्ना को काट कर बेच रहा है। संचालक किसानों की मजबूरी का पूरा फायदा उठा रहे है। औने पौने दामों में गन्ने की खरीददारी कर रहे है।
बाजार में गुड़ का भाव है 39 रुपये किलो
बाजार में नए गुड का फुटकर भाव 39 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है। जबकि किसान का गन्ना 180 रुपये प्रति कुंतल की भाव से खरीदा जा रहा है।
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गेहूं की बुआई को खेत खाली करने का दबाव
गेहूं की बुआई का समय आ रहा है। किसानों के पास खाली जमीन नहीं है। अधिकांश किसान गन्ने के खेत खाली करके ही गेहूं की बुआई करते है। ऐसे में किसानों के पास गन्ने की फसल को काटकर खेतों को खाली करने का दबाव है। किसान परेशान है, कोल्हू संचालक किसानों की इसी मजबूरी का लाभ उठा रहे है।
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