बाढ़ की स्थिति से निपटने को प्रशासन सतर्क, तटों पर कटान रोकने को मिट्टी के बोरे रखवाए जा रहे
कमजोर तटों पर बल्ली परक्यूपाइन लगाने की भी तैयारी पिछले छह दिनों में गंगा में छोड़ा जा चुका 3.42 लाख क्यूसेक पानी
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ी इलाको में लगातार हो रही बरसात और हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा में छोड़े जा रहे पानी से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से बुधवार को 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। था जिसका असर गुरूवार तड़के दिखाई दिया। इससे गंगा का जलस्तर पांच सेमी बढ़ा। गुरूवार को हरिद्वार और बिजनौर बैराज से 73 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। जिसका असर मैदानी इलाकों में शुक्रवार सुबह तक दिखाई देगा। पिछले छह में गंगा में छोड़ा चुका 3.42 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा जा चुका है।
पहाड़ी व मैदानी इलाको में लगातार हो रही बरसात से गंगा का जलस्तर प्रभावित हो रहा है। इससे गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से गंगा में भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे गंगा उफान पर है। रविवार को हरिद्वार व बिजनौर बैराज से 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद सोमवार को दोनों बैराज से 48 व मंगलवार को 68 हजार और बुधवार को 60 हजार क्सूसेक पानी छोडबा गया। बुधवार सुबह को मंगलवार के मुकाबले तिगरी गंगा के जलस्तर में 30 सेमी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। जबकि गुरुवार को पांच सेमी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। गुरुवार सुबह को भी हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा में 73 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसका असर मैदानी इलाकों में शुक्रवार सुबह तक देखने को मिल सकता है। बुधवार को ब्रजघाट में 199.45 व तिगरी में 199.85 गेज मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। जो गुरुवार को ब्रजघाट में 199.50 व तिगरी में 199.90 गेज मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से ब्रजघाट में 201.9 गेज मीटर और तिगरी में 202.5 गेज मीटर से काफी नीचे है। प्रशासन बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से सतर्क है।
मिट्टी के बोरों से मजबूत किए जा रहे गंगा तट
गजरौला। तिगरी गंगा तटों को कटान की स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ खंड मिट्टी के बोरे रखवा रहा है। मिट्टी के बोरों से कमजोर तट मजबूत किए जा रहे है। ताकि पानी के तेज बहाव सामना किया जा सके। इसके अलावा लकड़ी की बल्ली परक्यूपाइन बनवाकर गंगा में तटों के किनारे रखवाने की तैयारी की जा चुकी है। बल्ली परक्यूपाइन तैयार की गई है। जेई प्रदीप कुमार ने बताया कि बाढ़ कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरे तैयारी कर रखी है। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।