गजरौला। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के पांच साल बाद हसनपुर तहसील क्षेत्र के दौरारा में फायर स्टेशन भवन निर्माण का काम जल्द शुरू हो सकता है। शासन ने भवन निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। जिनमें तीन करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था विश्व बैंक खंड लोक निर्माण विभाग मुरादाबाद मंडल को मुहैया करा दिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया की तैयारी है। दौरारा गांव में दो यूनिट का फायर स्टेशन बनाया जाएगा। इसकी घोषणा 26 अप्रैल-18 को हसनपुर के श्रीमती सुखदेवी इंटर कॉलेज के मैदान में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। फायर स्टेशन के लिए रहरा थाने के निकट 0.427 हेक्टेयर भूमि देखी गई। फायर स्टेशन के भवन पर 135.14 लाख रुपये खर्च आने का आकलन करते हुए प्रस्ताव बना कर भेजा गया। गृह विभाग (पुलिस )से भवन निर्माण की स्वीकृति मिलने पर लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया। संस्था ने ले आउट तैयार किया। मगर इसके बाद कोई प्रगति नहीं हुई। पांच साल तक
तहसील क्षेत्र के लोग यही चर्चा करते रहे कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी भवन का निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हो रहा है। क्या निर्माण दायी संस्था सीएम की घोषणा को गंभीरता से नहीं ले रही है या शासन से धन नहीं मिला। मुख्यमंत्री की फायर स्टेशन की घोषणा को 26 अप्रैल-23 को पांच साल बीत गए। अमर उजाला ने 14 अप्रैल के अंक में खबर प्रकाशित की थी कि सीएम की घोषणा के बाद भी दौरारा में नहीं बना फायर स्टेशन। इसके बाद जिले के अफसर हरकत में आए। उनकी पैरवी और मांग पर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह ने भवन निर्माण के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दी। साथ ही भवन निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। तीन करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था को तीन करोड़ रुपये स्वीकृत भी करा दिए। फायर स्टेशन अफसर कमलेश कुमार मिश्र ने पुष्टि करते हुए कहा कि दौरारा में फायर स्टेशन का भवन निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत हो गई है। टेंडर की तैयारी है।
मुख्यमंत्री द्वारा रहरा में फायर स्टेशन की घोषणा के 19 महीने बाद 11नवंबर-19 को फायर स्टेशन के नाम से स्टाफ की भी स्वीकृति कर दी गई। जिसमें एक फायर स्टेशन अधिकारी, दो द्वितीय फायर स्टेशन अधिकारी, दो लीडिंग फायर मैन,16 सिपाही, दो चालक, दो रसोइये और एक सफाई कर्मचारी की नियुक्ति की स्वीकृति दी। भवन निर्माण हो जाने पर स्टाफ जिले को मिल जाएगा। इससे स्टाफ की कमी दूर होगी।
निर्माण में यह अटक रहा था पेंच
गजरौला। लोक निर्माण विभाग नवसृजित फायर स्टेशन की कार्यदायी संस्था थी। उसने ले आउट बनवाने के बावजूद काम शुरू नहीं किया। उसका कहना था कि उसे निर्माण का अधिकार नहीं है। इस बावत उसने 18 अगस्त- 21 को अधिशासी अभियंता, विश्व बैंक खंड लोक निर्माण विभाग मुरादाबाद मंडल को पत्र लिखा था। जिसमें कहा था कि पांच करोड़ रुपये से अधिक की लागत के भवनों का निर्माण कराने का अधिकार लोक निर्माण विभाग को नहीं है। इसलिए अधिशासी अभियंता विश्व बैंक खंड लोक निर्माण विभाग को ही निर्माण कराना चाहिए। डीएम व एसपी ने अपर मुख्य सचिव को पत्र भेज कर अधिशासी अभियंता विश्व बैंक खंड लोक निर्माण विभाग मुरादाबाद को भवन निर्माण के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक अनुमति प्रदान करने की गुहार लगाई। दोनों की मांग पर अनुमति प्रदान कर दी गई।