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वन विभाग की एनओसी ने मिलने से अटका सड़क निर्माण

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गजरौला। वन विभाग की एनओसी न मिलने से रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज के बराबर में सड़क का निर्माण ब्रिज चालू होने के दो साल बाद भी नहीं हो सका है। इसके चलते सैकड़ों लोगों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ब्रिज निर्माण के बाद से सड़क टूटी है। जिसके कारण यहां के दुकानदारों और बाशिंदों को सामान लाने ले जाने में भी काफी परेशानी होती है।
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चौपला से इंदिरा चौक की ओर आने वाली सड़क पर रेलवे लाइन के ऊपर लंबे इंतजार के बाद ओवरब्रिज दो साल पहले शुरू हो गया। एक बड़ी समस्या तो शहर की खत्म हो गई, लेकिन अब तक ओवरब्रिज के दोनों ओर सड़क निर्माण नहीं हो सकी है। दरअसल यह क्षेत्र हस्तिनापुर वन्य जीव विहार में आता है। जिस कारण किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के लिए वन विभाग से स्वीकृति लेनी होती है। ओवर ब्रिज के निर्माण के दौरान ही तमाम आपत्तियों के चलते काम रोका गया। बाद में उन्हें दूर कर निर्माण आगे बढ़ सका। अब ब्रिज के दोनों ओर रहने वाली आबादी के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण होना शेष है। जिसके लिए सेतु निगम को दोबारा वन विभाग की आपत्तियों को दूर करना होगा। सड़क के दोनों ओर पेड़ लगे हैं। वन्य जीव विहार क्षेत्र होने के कारण इन्हें काटने की अनुमति से लेकर अन्य तमाम मानकों को पूरा करना जरूरी है। जब तक निर्माण संस्था इसे दूर नहीं कर लेती। वन विभाग की एनओसी मिलना मुश्किल है। अब इस लापरवाही में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को पिसना पड़ रहा है। क्षेत्र के दुकानदार और निवासियों को सामान लाने ले जाने में परेशानी होती है। कई बार यहां बच्चे और वाहन सवार घायल भी हो चुके हैं।
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हमारी ओर से कोई देरी नहीं है। संबंधित एजेंसी आपत्तियां दूर नहीं कर रही है। किसी पत्र के जवाब में ही काफी समय लगा देते हैं। ऐसे में जितने दिन के बाद हमारे पत्र का जवाब आएगा उसी के आधार पर हम आगे की कार्रवाई करेंगे। अभी कुछ आपत्तियां शेष हैं। जिसके कारण एनओसी नहीं दी गई है। दो दिन पूर्व भी इस संबंध में संबंधित विभाग से संवाद किया गया था। अभी उनकी ओर से उत्तर नहीं आया है।
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- रमेश चंद, जिला वन अधिकारी, अमरोहा।
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