क्षेत्र के गांव गंगानगर पुल से बुलंदशहर को जोड़ने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त हुए 22 दिन बीत चुके हैं। यह माल गंगा कटान की वजह से पुल की एप्रोच स्लैब क्षतिग्रस्त होने से बाधित हो गया था। मार्ग पर छोटे वाहनों का आवागमन करीब 10 दिन पहले ही शुरू किया जा चुका है लेकिन भारी वाहन एवं किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली का यहां पर आवागमन बंद चल रहा था लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क की मरम्मत कार्य लगातार की जा रही है। अब मार्ग पर हल्के भारी वाहनों, यानी कुल 300 क्विंटल तक भारी वाहनों का आवागमन चालू कर दिया गया है। हालांकि मार्ग ऊपर से अभी कच्चा है। उस पर डामर की सड़क नहीं डाली गई है। इसके लिए कार्य लगातार जारी है। ट्रैक्टर ट्राली का आवागमन शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को राहत मिली है।
पहाड़ी जलाशयों से लगातार गंगा में छोड़े जा रहे पानी की वजह से गंगा तेजी के साथ कटान कर रही है। गंगा का क्षेत्रफल बढ़ रहा है। हजारों बीघा भूमि पर खड़ी किसानों की फसलों को गंगा के पानी ने अपनी आगोश में ले लिया है। 19 अगस्त की रात को गंगा का तेज कटान होने की वजह से गंगा पुल को सटी अप्रोच स्लैब ध्वस्त हो गई थी। उससे जुड़ा करीब बीस मीटर का रास्ता भी कट गया था। जिससे यहां से आवागमन बंद हो गया था। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि इसके दो दिन बाद पैदल वालों के लिए रास्ता खोल दिया था। लेकिन गंगा कटान की सड़क फिर कट गई थी। मरम्मत के बाद कई दिन बाद फिर यहां से पैदल वालों व दो पहिया वाहनों व ई रिक्शा के लिए मार्ग को अस्थाई रूप से चालू कर दिया था। लेकिन चार पहिया वाहनों को यहां से अभी आवामन बंद था। लोग ब्रजघाट होकर बुलंदशहर पहुंच रहे थे। या फिर उन्हें बुलंदशहर जाने के लिए संभल के गंवा से अनूपशहर को पहुंचना पड़ रहा था। डीएम द्वारा मरम्मत कार्य की लगातार रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसलिए मरम्मत कार्य में लापरवाही नहीं बरती जा रही। करीब 10 दिन पूर्व मार्ग को हल्के चार पहिया वाहनों के लिए भी खोल दिया गया था। जबकि भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध था।
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता विजय कुमार का कहना है कि किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं 300 क्विंटल तक भारी वाहनों के लिए आवागमन चालू कर दिया है। इससे अधिक वजनी वाहनों के आवागमन के लिए अभी इंतजार करना होगा मरम्मत कार्य जारी है।