गजरौला। अषाढ़ मास का महीन आधा गुजर चुका है, सावन लगने वाला है। इसके बाद भी जेठ जैसी दोपहरी हो रही है। एक दो दिन की राहत के बाद गर्मी के तेवर तल्ख हो चले हैं। सोमवार को उमसभरी गर्मी ने दिनभर लोगों का पसीना निकाला। तपती दुपहरी में लोग बेहाल हो गए।
सोमवार को सुबह अपने साथ उमसभरी गर्मी लेकर आई। रविवार के दिन से गर्मी का प्रकोप फिर से शुरु हुआ है जोकि सोमवार को ज्यादा ही दिखाई दिया। ।दोपहर होने तक गर्मी और भी तेज हो गई। चिलचिलाती गर्मी में लोगों का खूब पसीना निकाला। बिजली कटौती ने भी परेशान करके रख दिया। बतातें चले कि शनिवार को बारिश हुई थी तो मौसम खुशनुमा हो गया था। शाम तक मौसम के मिजाज के ठंडक बनी रही। लोगों को उम्मीद थी अब मानसून आ गया है। बारिश पड़ने से गर्मी से निजात मिल सकेगी। पर ऐसा हो नहीं रहा है। सावन लगने वाला है इसके बाद भी बादलों की मेहरबानी बरस नहीं रही है। शाम होने तक उमसभरी गर्मी का प्रकोप जारी रहा। दोपहर में लोग गर्मी के चलते अपने घरों में कैद होकर रह गए। बारिश नहीं पड़ने से किसानों से किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। धान की रोपाई एक एक दिन लेट हो रही है। अगर यही हाल रहा तो जिले में धान का रकबा बढ़ जाएगा। बारिश पर निर्भर किसान धान नहीं रोप सकेेंगे।