अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला। गंगा का जलस्तर बढ़ने से सांसद कंवर सिंह तंवर के गोद लिए गांव चकनवाला से गुजर रही रामगंगा पोषक नहर भी उफान पर हैं। पुल नहीं होने की वजह से करीब पंद्रह गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट सा गया है। बाढ़ का पानी कृषि क्षेत्रफल के साथ ही गांवों की ओर रूख करने लगा है। हालांकि प्रशासन द्वारा बाढ़ आशंकित गांवों की मदद के लिए कोई तैयारी नहीं की गई है। नहर पार करने के लिए रोजाना हजारों लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। आवागमन में बाधाएं उत्पन्न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
चकनवाला गांव में नहर के दूसरी ओर गांव जाटो वाली, ढाकों वाली, शीशों वाली, मीरापुर, सुल्तानपुर, भुटठो वाला, लालावाली का घेर, बसंतपुर, कुईया वाली, मीरापुर एतमाली, दारानगर, बिसावली, टीको वाली, मुरादपुर, रंपुरा, लंगड़ोवाली, भुड्डी वाली आदि गांव के लोग इसी रामगंगा पोषक नहर को पार करके गजरौला आते हैं। प्रशासन द्वारा पैंटून पुल नवंबर-दिसंबर के महीने में बनाया जाता है और पंद्रह जून के आसपास मानसून आते ही हटा लिया जाता है। यानी जब लोगों को पुल की बहुत जरूरत होती है। तब पुल हटा लिया जाता है। लेकिन इस बार प्रशासन द्वारा पुल हटाने से दो माह पहले ही पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था। इसके बाद आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। शुरू में नहर में घुटनों तक ही पानी था, तो लोग पैदल ही नहर पार कर रहे थे, लेकिन गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से पोषक नहर में उफान है। ग्रामीण नाव के सहारे ही नहर पार कर कामकाज पर जा रहे हैं। बताया जाता है कि रोजाना एक हजार से ज्यादा लोग नहर पार करके खेतों से चारा लाने या गजरौला आते जाते हैं। ग्रामीणों द्वारा खुद के प्रयास से दो नाव नहर पर लगाई गई हैं। लेकिन प्रशासन द्वारा इसमें कोई मदद नहीं की जा रही है। ग्रामीण बार-बार प्रशासन से स्थायी पुल निर्माण की मांग करते रहते हैं, लेकिन प्रशासन उनकी सुध लेने को तैयार नहीं है।
एक दशक से हो रही स्थायी पुल बनवाने की मांग
गजरौला। गांव चकनवाला से होकर गुजरने वाली रामगंगा पोषक नहर पर स्थायी पुल बनवाने की मांग पिछले एक दशक से होती रही है। लेकिन आज तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। चुनाव के समय नेताओं से तो पुल निर्माण की मांग की जाती है तो इसके बाद प्रशासन से भी लगातार ग्रामीण स्थायी पुल बनवाने की मांग करते रहे हैं।
बोले ग्रामीण - सरकार से उठा भरोसा
गजरौला। गांव चकनवाला से होकर गुजरने वाली रामगंगा पोषक नहर पर स्थायी पुल बनवाने की लगातार मांग के बावजूद भी इसे बनवाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा सका। इसे लेकर ग्रामीणों का सरकार से भरोसा उठ चुका है। पोषक नहर के दूसरे तरफ बसे गांव शीशोवाली निवासी बलवीर नहर पर नाव चला रहे हैं। बलवीर का कहना है कि स्थायी पुल के अभाव में बहुत परेशानी होती है। अस्थायी पुल की जब ज्यादा जरूरत होती है, तो उसे हटा लिया जाता है। बार-बार मांग करने के बावजूद भी स्थायी पुल का निर्माण नहीं कराया जाता, सरकार पर से पूरी तरह से भरोसा उठ चुका है। वहीं नहर पर नाव चला रहे गांव जाटोवाली निवासी वीर सिंह का कहना है कि अंधेरा होते ही नाव चलनी बंद हो जाती है। इसके बाद नहर पार कैसे होगी। लोग दिन के उजाले में ही नहर पार कर सकते हैं। रात के अंधेरे में नहर पार नहीं की जा सकती। लेकिन सरकार का इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं है।