गजरौला। गंगा में जलस्तर के बढ़ने और कम होने का सिलसिला जारी है। पिछले दो दिनों से गंगा उफान पर थी, वहीं सोमवार को दस सेमी की गिरावट दर्ज की गई। पहाड़ पर बारिश नहीं होने से तिगरी में गंगा का जलस्तर नीचे खिसकने लगा है हालांकि, बारिश पड़ने पर फिर से बढ़ सकता है।
सोमवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 199.30 मीटर दर्ज किया गया। यूं तो यह खतरे के निशान से ज्यादा दूर नहीं है। फिर भी रविवार के मुकाबले दस सेमी की गिरावट ह़ुई। रविवार को गंगा का जलस्तर 199.40 दर्ज किया गया था जाकि इस बरसात का अधिकतम था। वहीं बिजनौर बैराज से सोमवार को 26165 पानी छोड़ा गया। हरिद्वार से 18937 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। रविवार को बिजनौर बैराज से 33594 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। हरिद्वार बैराज से रविवार को 21727 क्यूसेक पानी निकाला गया था। उधर ब्रजघाट पर गंगा का जलस्तर 197.40 मीटर दर्ज किया गया। गौरतलब है कि तिगरी में खतरे का निशान 202 मीटर पर है। फिलहाल खतरे के निशान तिगरी में गंगा का जलस्तर 2.70 मीटर दूर है। उधर गंगा का जलस्तर बढ़ने से लोगों में बैचेनी बढ़ी हुई है। बाढ़ नियंत्रण के जेई रणधीर सिंह ने बताया कि जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से बचने के लिए तमाम इंतजाम कर लिए गए हैं। बिजनौर से सवा लाख क्यूसेक पानी जब छोड़ा जाएगा, तभी खतरा है। अभी हालात नियंत्रण में हैं।