डिडौली। ताजिया में करंट उतरने से दो लोगों की मौत के मामले में डिडौली पुलिस की कार्रवाई लगातार बढ़ती जा रही है। दो आयोजकों और ट्रैक्टर चालक के जेल भेजने के बाद पुलिस ने रविवार को 12 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्हें भी न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि 29 जुलाई को दस मोहर्रम के मौके पर डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव पतेई खालसा में ताजियों का जुलूस निकल रहा था। ताजिये की ऊंचाई को लेकर 12 फीट रखने का नोटिस देने के बावजूद ग्रामीणों ने 35 फीट ऊंचा ताजिया बनाया था। जिसे ट्रैक्टर-ट्राली पर रखकर लोग कर्बला जा रहे थे। रास्ते में ताजिया पाॅवर ग्रिड की हाईटेंशन बिजली लाइन के करंट की चपेट में आ गया और आग लग गई थी। घटना में दो लोगों की मौत हुई थी जबकि करीब 55 लोग करंट से झुलस गए थे। पुलिस ने मामले में ताजिया कमेटी के अहसान व उसमान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया था। बाद में तत्कालीन एसपी आदित्य लांग्हे ने लापरवाही बरतने में कोतवाली प्रभारी प्रवेज चौहान को निलंबित किया था। इसके बाद छह दिन पहले पुलिस ने गांव के रहने वाले ट्रैक्टर चालक हामिद को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन रविवार को फिर पुलिस ने पायंती कलां से बारह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
ये हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार हुए आरोपियों में तौफीक अहमद, वसीम अहमद, असाउद्दीन, जमालुद्दीन, जुम्मा, मोहम्मद अख्तर, मकसद, मुस्ताक, जाकिर, कासिम, इसरार, शराफत शामिल हैं। सीओ ने बताया सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है।