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Amroha News: जिले में ढाई साल में 119 खुदकुशी, अवसाद बड़ा कारण

Thu, 05 Jun 2025 02:22 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। जीवन अनमोल है। इसकी समझ अब कम होती जा रही है। आए दिन समाज में आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस पर रोकथाम के लिए समाज में जागरूकता बेहद जरूरी है। लोगोंं में जागरूकता की कमी, अकेलापन, नशा और धैर्य की कमी के चलते ही अवसाद से संबंधित मरीज बढ़ जाते हैं।
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यही अवसाद के मरीज आगे चलकर आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाकर अपना जीवन समाप्त कर रहे हैं। जेएस पीजी काॅलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. निखिल दास ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोग सही खानपान नहीं होने के चलते कई बीमारियों की जद में आ रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर मानसिक तनाव के चलते भी लोग रोगों का शिकार हो रहे हैं। यहीं वजह है कि लोग अवसाद व धैर्य की कमी के कारण आत्महत्या कर रहे हैं।
पुलिस आंकड़ों की माने तो पिछले ढाई सालों में 119 लोगों ने आत्महत्या की है। आत्महत्या करने वालों में महिलाओं के सापेक्ष पुरुषों की संख्या ज्यादा है। रिकॉर्ड के मुताबिक साल 2023 में 34 लोगों ने आत्महत्या की। इसमें 20 पुरुष और महिलाएं की संख्या 14 है। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 58 पर पहुंच गई। इस साल 45 पुरुषों ने आत्महत्या की। जबकि, खुद की जान देने वालों में 13 महिलाएं भी शामिल हैं। यह आंकड़ा 2025 में भी नहीं थम रहा है। इस साल पांच महीने में ही अब तक 27 लोगों लोग अपनी जीवन लीला समाप्त कर चुके हैं। इनमें 20 पुरुष व सात महिलाएं और युवतियां हैं। यह आंकड़ें तो पुलिस रिकार्ड में हैं। जबकि, ऐसे सैकड़ों मामले में है जिनमें परिवार के लोग पुलिस कार्रवाई नहीं करते और बिना पोस्टमार्टम कराए ही शवों का अंतिम संस्कार कर देते हैं।
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हाल में हुई आत्महत्या की घटनाएं



- 29 मई 2025 : को मंडी धनौरा क्षेत्र में 36 घंटों के भीतर दो युवक जिंदगी से हार मान गए। एक युवक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जान दी, तो दूसरा फंदे पर झूल गया। दोनों घटनाओं में परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।

- 27 मई 2025 : रजबपुर क्षेत्र के गांव जलालपुर कलां निवासी किसान विजेंद्र सिंह की दूसरी नंबर की बेटी पलक को परिजनाें ने किसी बात पर डांट दिया था। इसके बाद विजेंद्र मजदूरी करने चले गए थे और पत्नी सीमा पशुओं के लिए चारा लेने खेत पर गई थी। तभी पलक ने घर में बने टीन शेड में लगी बल्ली के सहारे रस्सी का फंदा गले में डालकर आत्महत्या कर ली थी।

- 22 मई 2025 : नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के निजामपुर गर्वी गांव निवासी अनिल के बेटे गौरव पांच साल से असमोली चीनी मिल में पाइपलाइन फीडर के पद पर तैनात थे। पांच मई को अचानक गौरव की तबीयत खराब हो गई थी। वह 22 मई को तबीयत में सुधार होने के बाद ड्यूटी करने गए थे। दोपहर को घर वापस लौटे और परिजनों से कहा कि मैं अब जिंदा नहीं रहूंगा। परिजनों ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। यह कहने के बाद गौरव अपने कमरे में चले गए और फंदे से लटककर जान दे दी थी।

- 11 मई 2025 : रजबपुर क्षेत्र के गांव दुर्गापुर निवासी छत्रपाल पत्नी की मौत और बच्चों की परवरिश को लेकर मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे। इसके बाद उन्होंने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ी तो परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।

- 4 अप्रैल 2024 : मूलरूप से मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के देहरा गांव के रहने वाले मृतक भगवत उर्फ नकुल अमरोहा नगर पालिका में प्रकाश विभाग में ठेके पर बतौर लाइनमैन नौकरी करते थे। 2018 में भगवत की शादी नौगांवा सादात क्षेत्र के गांव जब्दा निवासी स्वाति के साथ हुई थी। भगवत उर्फ नकुल अमरोहा नगर में किराये के मकान में रहते थे। पारिवारिक कारणों के चलते भगवत मानसिक रूप से परेशान थे। चार अप्रैल 2024 को मंडी धनौरा रोड स्थित एक आम के बाग में जाकर उन्होंने फंदे पर लटक कर जान दे दी थी।

- 4 अप्रैल 2024 : हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव में तीस वर्षीय युवक को मामूली बात पर उसके पिता ने डांट दिया था। जिसके बाद युवक बुरी तरह से परेशान हो गया और जंगल में जाकर एक खेत में बने मचान पर रस्सी का फंदा बनाकर युवक लटक गया। जिससे उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।

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तनाव और चिंता एक लंबे समय तक रहे तो यह अवसाद में तब्दील हो जाता है। यही अवसाद एक समय इंसान को ऐसी स्थिति में पहुंच देता है, जिसमें व्यक्ति खुदकुशी जैसा कदम उठा लेता है और अपना जीवन समाप्त कर बैठता है। यहीं वजह है कि पिछले ढाई सालों में 119 लोगों ने आत्महत्या की है। कई मामलों में परिवार के लोग पुलिस कार्रवाई करने से बचते हैं। किसी व्यक्ति को अवसाद की स्थिति से बाहर निकालने के लिए उसे काउंसिलिंग के लिए राजी करें। साइकोलॉजिस्ट या मनोचिकित्सक के पास लेकर जाएं।- अमित कुमार आनंद, एसपी अमरोहा
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