गजरौला (अमरोहा)। गंगा के खादर में दूसरे की जमीन को फर्जी तरीके से बैनामा कराकर कारोबारी के परिवार से एक करोड़ 14 लाख 56 हजार रुपये ऐंठ लिए। आरोप है कि रुपये मांगने पर धमकी देते हुए भगा दिया। पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
गौतमबुद्ध नगर के दादरी थाना क्षेत्र के न्यादर गंज कस्बा निवासी संजीव गर्ग का कहना है कि उनको व बेटे नकुल और नकुल की पत्नी पल्लवी को अपनी कंपनी के व्यवसाय के लिए 200 बीघे जमीन की जरूरत थी, जो उनके खेत से लगी हो। उनको गौतमबुद्ध नगर के नोएडा के फेज-3 थाना क्षेत्र के पार्थला खंजरपुर निवासी आठ लोगों ने गजरौला थाना क्षेत्र के गांव सिहाली मेव व हासमपुर खादर के जंगल में जमीन दिखाई। उसमें गन्ने की फसल खड़ी होने की बात कह फसल कटने पर नापतौल कराने को कहा। जिसके बाद 1,82,70,000 रुपये में जमीन का सौदा हो गया। 23 दिसंबर-23 को सभी ने सात विक्रय पत्र द्वारा संजीव गर्ग, उनके पुत्र व पुत्र वधू के नाम बैनामा करा दिया। इस दौरान 11456000 रुपये का भुगतान हो जाने पर जमीन मालिकों ने जमीन पर कब्जा दिलाने की बात कही थी। बाकी रकम चेक के माध्यम से दी गई थी।
वह लेखपाल को लेकर मौके पर गए तो उसने बताया कि मौके पर 60-70 बीघे ही जमीन है। वह भी अलग-अलग नंबरों में है। कुछ जमीन का फासला चार से पांच किमी है। कुछ जमीन पर अन्य का कब्जा है। आरोपियों ने उनके साथ धोखाधड़ी कर गलत व फर्जी बैनामे करा दिए। जिससे उनका व्यवसाय का उद्देश्य विफल हो गया है। उन्होंने आरोपियों से अपने 11456000 रुपये मांगे तो इनकार कर दिया। धमकी दी कि यहां से भाग जाओ। कार्रवाई की तो हाथ पैर तुड़वा देंगे। पुलिस ने उनकी तहरीर पर कैलाश यादव उसके तीन भाइयों मुकेश यादव, दिनेश यादव, राजेश यादव, जसवीर यादव उसके भाई लोकेश यादव, दीपक यादव व उसके भाई दीपांशु यादव निवासी पार्थला नोएडा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बैनामे भी हुए निष्प्रभावी
गजरौला। जब मौके पर 200 बीघे जमीन नहीं मिली तो आरोपियों ने खरीदार कारोबारी परिवार से कहा कि तुमने जो चेक दिए हैं, उनके स्टांप पेमेंट करा दो। चेक स्टांप पेमेंट होने के बाद बैनामे अपने आप ही शून्य व निष्प्रभावी हो जाएंगे। जो धनराशि हमने प्राप्त की है, उसे लौटा देंगे। उन्होंने शेष धनराशि के चेक का स्टांप पेमेंट करा दिया। जिसके चलते बैनामे निष्प्रभावी हो गए हैं। संवाद