फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा का जलस्तर गिरा, लेकिन खादर किसानों की बैचेनी बरकरार

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

गजरौला। पहाड़ी इलाकों में हो रही बरसात का असर मैदानी इलाकों में दिखाई देने लगा है। बुधवार को तिगरी में जलस्तर 201 गेज मीटर तक पहुंच गया था। जिससे किसानों की सांसें अटक गई थी। क्योंकि, पांच गांवों की हजारों बीघा खेत में बाढ़ का पानी भर गया था। गुरुवार को जब गंगा के जलस्तर में 15 सेमी की कमी दर्ज की गई, तो ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। गंगा में भले ही पानी कम हो गया हो, लेकिन किसानों में बेचैनी बरकरार है। वहीं, मार्गों में पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बीते चार दिनों से पहाड़ी इलाकों में लगातार तेज बरसात हो रही थी। इससे तीन दिनों में गंगा का जलस्तर साठ सेमी तक बढ़ गया था। पानी बढ़ने पर बुधवार को तिगरी में गंगा के जलस्तर ने 201 गेज मीटर के निशान को छू लिया था। लेकिन, बुधवार को पर्वतीय इलाकों में कम बरसात होने से गंगा के जलस्तर में 15 सेमी की कमी दर्ज की गई। गुरुवार को गंगा का जलस्तर घटकर तिगरी में 200.85 हो गया। इससे किसानों ने राहत की सांस ली। लेकिन, बाढ़ का खतरा अभी भी बरकरार होने से उनमें बेचैनी है। तिगरी और ओसीता जग्देपुर समेत पांच गांवों में गंगा किनारे हजारों बीघा में गन्ना, धान और बाजरे की फसल खड़ी हैं। उसमें बाढ़ का पानी लबालब भरा हुआ है । खेत में पानी भरे होने से बाजरा और धान की फसलों पर संकट मंडराना शुरु हो गया है। किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी चारा लाने में हो रही है। ओसीता जग्देपुर में रास्तों पर चार फीट तक पानी भरा होने के कारण खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। उधर, बुधवार को गंगा का जलस्तर ब्रजघाट में 200.85 और तिगरी में 201.00 गेज मीटर दर्ज किया गया था। वहीं, बाढ़ अधिकारियों ने खादर के किसानों को खेतों से दूर रहने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन


विधायक ने किया मुआयाना, अधिकारी रहें चौकन्ने
गजरौला। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से पैदा हो रही बाढ़ की स्थिति से परेशान खादर के किसानों को देखते हुए गुरुवार को मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा ने तिगरी पहुंचकर गंगा के बढ़े जलस्तर का मुआयना किया। उन्होंने गंगा तटों पर पुरोहितों की झोपड़ियों और दुकानों को तटों के पास से हटाने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ खंड जेई प्रदीप सागर को चौकन्ना रहने के लिए कहा।
विज्ञापन


पहाड़ों पर बरसात का सिलसिला हल्का होने से जलस्तर में गुरुवार को 15 सेमी की गिरावट देखी गई। लेकिन, बाढ़ का खतरा बना हुआ है। खादर के किसानों को लगातार चेतावनी दी जा रही है।
- प्रदीप कुमार सागर, जेेई बाढ़ खंड तिगरी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें