शुक्रवार को भी गंगा में छोड़ा गया 74 हजार क्यूसेक पानी, सात दिनों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
सावन माह में बड़े स्नान, प्रशासन सतर्क, बाढ़ चौकियों को किया अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ी और मैदान इलाकों में बारिश का असर गंगा में दिखाई दे रहा है। गंगा उफान पर है। पिछले सात दिनों में 4.14 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा जा चुका है। शुक्रवार को भी 74 हजार क्यूसेक पानी हरिद्वार और बिजनौर से छोड़ा गया है। सावन माह में होने वाली कांवड़ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और अमावस्या स्नान के चलते प्रशासन सतर्क है। बाढ़ की स्थिति न बने इसके लिए पहले ही बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। गंगा के आसपास की आबादी वाले गांवों में भी अलर्ट जारी हो चुका है। गंगा अपने खतरे के निशान से दो डेढ़ से दो मीटर नीचे बह रही है।
पहाड़ी व मैदानी इलाको में लगातार हो रही बरसात से गंगा का जलस्तर प्रभावित हो रहा है। इससे गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से गंगा में भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे गंगा उफान पर है। सोमवार को हरिद्वार व बिजनौर बैराज से 48 व मंगलवार को 68 हजार, बुधवार को 60 हजार, गुरूवार को 73 हजार क्सूसेक पानी छोड़ा गया था। बुधवार सुबह को तिगरी गंगा के जलस्तर में 30 सेमी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। जबकि गुरूवार को पांच सेमी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। हालांकि शुक्रवार को कोई खास बढ़ोत्तरी दर्ज नहीं की गई। शुक्रवार को भी हरिद्वार व बिजनौर बैराज से 74 हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। इसका असर मैदानी इलाकों में शनिवार सुबह तक देखने को मिल सकता है। उम्मीद है कि गुरु पूर्णिमा के स्नान से पहले गंगा का जलस्तर दो सौ मीटर को छू जाएगा। गुरूवार को ब्रजघाट में 199.50 व तिगरी में 199.90 गेज मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। हालांकि शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में कोई खास बढ़ोत्तरी दर्ज नहीं की गई। शुक्रवार शाम गंगा में गुरुवार के मुकाबले पांच सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। लेकिन शनिवार को इसमें इजाफा होने की उम्मीद है।