घटना सैदनगली थानाक्षेत्र के एक गांव में हुई थी। गांव निवासी किसान की 14 वर्षीय बेटी 15 मई 2020 काे खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। तभी वहां पहले से मौजूद गांव के ही अर्जुन ने नाबालिग साथी के साथ मिलकर किशोरी का अपहरण कर लिया था। इसके बाद रखेड़ा गांव में ले जाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था और अगले दिन गजरौला धर्मकांटे के पास छोड़कर भाग गए। किशोरी ने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती बताई थी। किशोरी के पिता ने अर्जुन और उसके नाबालिग साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इस पर पुलिस ने आरोपी अर्जुन को जेल व नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया था। नाबालिग तो जमानत पर आ गया था, जबकि मुख्य आरोपी अर्जुन को जमानत नहीं मिली थी। मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम डॉ. कपिला राघव की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी पैरवी कर रहे थे। न्यायालय ने शनिवार को मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्य व सबूतों के आधार पर आरोपी अर्जुन को दोषी करार दिया। साथ ही 10 साल की सजा सुनाई और 42 हजार का जुर्माना लगाया। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि साक्ष्य व सबूतों के अभाव में किशोर अपचारी को दोष मुक्त कर दिया गया है।