अमरोहा। गजरौला थानाक्षेत्र में चार साल पहले अपहरण के बाद किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को न्यायालय ने दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जमानत पर बाहर था न्यायालय का फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया। इस मामले में पीड़िता के बहनोई को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया है।
ये घटना गजरौला थानाक्षेत्र में 13 अगस्त 2019 को हुई थी। एक गांव में किसान का परिवार रहता है। उसकी 16 वर्षीय बेटी को घटना वाले दिन डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव में रहने वाला सगा बहनोई बहला-फुसलाकर ले गया था। उसके साथ बहनोई का दोस्त भी था। काफी तलाश करने के बाद भी किशोरी का कोई पता नहीं चला। लिहाजा इस मामले में किसान की तहरीर पर सगे दामाद के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया। करीब 17 दिन बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया था। इस दौरान किशोरी गर्भवती हो गई थी। पीड़िता ने अपने बहनोई के दोस्त सतेंद्र पर तीन सप्ताह तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
जिसके बाद पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों जमानत पर जेल से बाहर थे। ये मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) डॉ कपिला राघव की अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने पैरवी कर रहे थे। न्यायालय ने साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर आरोपी सत्येंद्र को दोषी करार दिया और 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं साक्ष्यों के अभाव में पीड़िता के जीजा को दोषमुक्त कर दिया गया है।