हेलो मैं पुलिस इंस्पेक्टर बोल रहा हूं, तुम्हारा लड़का हमारी हिरासत में है। जेल जाने से बचना चाहते हो तो एक लाख रुपये का इंतजाम करो। इन अल्फाजों के साथ साइबर ठग ने मजदूर से 10 हजार रुपये हड़प लिए। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर माफी में मोहम्मद असलम का परिवार रहता है। असलम मजदूरी करते है। 12 अक्तूबर को उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताया। कहा, तुम्हारा बेटा हमारी हिरासत में है। तीन डॉक्टर हमने जेल भेज दिए हैं। अभी तुम्हारा लड़का बचा है। अगर लड़के को जेल जाने से बचना चाहते हो तो एक लाख रुपये का इंतजाम करो। इस संबंध में किसी को बताना नहीं, वरना आपका बेटा जेल चला जाएगा। साबइर ठग ने एक क्यूआर कोड भी भेजा।
इन पर मोहम्मद असलम घबरा गए उन्होंने तुरंत 10 हजार रुपये क्यूआर कोड से खाते में ट्रांसफर कर दिए। लेकिन बाद में असलम ने बेटे से बात की तो उसने खुद को अमरोहा में होने की बात बताई। इस पर असलम को साइबर ठगी का एहसास हुआ। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि मामले में मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।