जामों। खेत की रखवाली के दौरान लगाई गई बाड़ में उतरे करंट की चपेट में आने से बरेहटी गांव निवासी अंशु गुप्ता (27) की रविवार रात मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतक के पिता हरीश कुमार ने बताया कि खेत में छुट्टा पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए मेड़ पर कंटीले तार लगाए गए थे। उनमें झटका देने के लिए डीसी करंट प्रवाहित किया जा रहा था। रविवार रात अंशु खेत की रखवाली करने गया था। इसी दौरान वह करंटयुक्त तार की चपेट में आ गया। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बिजली आपूर्ति बंद कराई।
इसके बाद परिजन उसे सीएचसी मुसाफिरखाना ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने जिला अस्पताल सुल्तानपुर भेज दिया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में खेत की रखवाली के लिए लगाए गए कंटीले तार में डीसी करंट प्रवाहित होने की पुष्टि हुई है। युवक की मौत उसी की चपेट में आने से हुई है। परिजनों ने किसी के खिलाफ आरोप नहीं लगाया है। मामले की जांच की जा रही है।
बेटे के शव से लिपटकर बिलखती रही मां
अंशु की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां सुमित्रा बेटे के शव से लिपटकर बिलखती रहीं। पिता हरीश कुमार बदहवास होकर बार-बार यही कहते रहे कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि फसल की सुरक्षा का यह तरीका बेटे की जान ले लेगा। भाई कन्हैयालाल और अन्य परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे।
खेतों में झटका करंट से जा चुकी है चार की जान
01 मई 2025 : मुंशीगंज के कटरा महारानी गांव निवासी देवा कोरी (32)
28 जून 2025 : जामों के जोरावरपुर गांव निवासी गीता गुप्ता (50)
25 मार्च 2026 : जामों के सिंभुई चौराहा पर सुनील कश्यप (45)
03 अगस्त 2026 : जामों के बरेहटी गांव निवासी अंशु गुप्ता (27)
फसल बचाएं, जान जोखिम में न डालें
खेतों को छुट्टा पशुओं और जंगली जानवरों से बचाने के लिए बिजली का करंट या झटका मशीन का उपयोग न करें। खेत की घेराबंदी मजबूत जाली, बिना करंट वाले कांटेदार तार, सोलर फेंसिंग या अन्य सुरक्षित साधनों से करें। रात में सोलर लाइट और सामूहिक निगरानी भी प्रभावी विकल्प हैं। करंटयुक्त तार मानव और पशुओं दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
खेतों में करंट दौड़ाना कानूनन अपराध
सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता रामकिशोर ने बताया कि फसल बचाने के लिए खेतों में बिजली का करंट दौड़ाना या झटका मशीन लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित और कानूनन अपराध है। इससे किसी व्यक्ति या पशु की जान जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने किसानों से सुरक्षित विकल्प अपनाने और किसी भी स्थिति में खुले बिजली के तारों का प्रयोग न करने की अपील की।