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Amethi News: युवक की चाकू मारकर हत्या

Sat, 09 Aug 2025 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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जगदीशपुर सीएचसी के बाहर राजेश की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। -संवाद  
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जगदीशपुर/जामों (अमेठी)। चितई गांव निवासी राजेश कुमार (40) की शुक्रवार सुबह गांव के चौराहे पर चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। हमलावर उनका दोस्त रामबहादुर है, जिससे कुछ दिन पहले शराब पीने के दौरान उसकी कहासुनी हुई थी। मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को दो घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
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मां फूलकली ने बताया कि उनका बेटा राजेश कुमार सुबह करीब आठ बजे गांव के चौराहे पर चाय पीकर लौट रहा था। शकील मास्टर के मकान के सामने मौजूद रामबहादुर ने उनके बेटे पर अचानक चाकू से कई वार कर दिए। इससे बेटा लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। आरोपी मौके से भाग गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और घायल युवक को तत्काल सीएचसी जगदीशपुर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने राजेंद्र को मृत घोषित कर दिया।



इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया कि राजेश और आरोपी के बीच पूर्व में शराब पीते समय विवाद हुआ था। उसी रंजिश में आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया है। एएसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि हत्या के बाद भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को दो घंटे में गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में आपसी विवाद में हत्या किए जाने की बात सामने आई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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शराब के ठेके पर हुआ था झगड़ा
रामबहादुर और राजेश कुमार दोस्त थे। दोनों अक्सर साथ रहते थे। कुछ दिन पहले गांव में शराब ठेके पर दोनों के बीच शराब के पैसे देने को लेकर कहासुनी और हाथापाई हुई थी। राजेश ने बुधवार को रामबहादुर की बाइक पर पत्थर मारा था। इसी बात से नाराज रामबहादुर ने राजेश से बदला लेने के लिए शुक्रवार को उसकी हत्या कर दी।




पति का शव देख पत्नी बेसुध
पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी रामजनी अस्पताल पहुंचीं। वह पति का शव देखकर बेसुध हो गईं। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला। मृतक का बेटा अजीत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। उसने बताया कि पिता लखनऊ में पेंटिंग का काम करते थे और उसकी पढ़ाई का खर्च उठा रहे थे। अब वह सहारा भी खत्म हो गया। पिता की मौत के बाद बिलख रहे छोटे भाई सुदीप और बहनें खुशी व खुशबू को संभालने की कोशिश वह अपने आंसू पोछते हुए करता रहा।
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