पूरे कुबरा गांव में मकान गिरने से हुए नुकसान का मूल्यांकन करते राजस्वकर्मी।
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यूपी के अमेठी में तूफान और बारिश ने दो गांवों में कहर बरपाया। बाजार शुकुल के गयासपुर गांव में बृहस्पतिवार रात पेड़ गिरने से छप्पर के नीचे सो रही युवती की जान चली गई। वहीं, भेटुआ के सरुवांवा गांव में शुक्रवार सुबह बारिश के बीच दीवार गिरने से नल पर पानी भर रही युवती की मौत हो गई।
छप्पर पर गिरा पेड़, दबकर गई जान
गयासपुर गांव निवासी जगदीम ने बताया कि रात में भोजन के बाद वह, उनकी पत्नी रघुराजा और बेटी सावित्री (22) छप्पर के नीचे चारपाई पर सो रहे थे। अचानक जोरदार आवाज हुई और शीशम का पेड़ गिर गया। पेड़ छप्पर चीरता हुआ झोपड़ी के अंदर तक पहुंच गया और तीनों दब गए।
चीख-पुकार सुनकर गांववाले दौड़े और मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल सीएचसी बाजारशुकुल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने सावित्री को मृत घोषित कर दिया। माता-पिता को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। परिजनों ने बताया कि दो महीने बाद सावित्री की शादी होनी थी। घर में तैयारियां चल रही थीं।
दीवार के मलबे में दबी युवती...मौत
सरुवांवा ग्राम पंचायत के पूरे कुबरा गांव में शुक्रवार सुबह गुड़िया (20) घर के पास लगे नल पर पानी भर रही थी। इस दौरान बारिश से भीगी जर्जर कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। गुड़िया मलबे में दब गई। मां सुंदरा की चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने उसे मलबे से निकालकर सीएचसी, भेटुआ ले गए। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गुड़िया अपनी मां के साथ ननिहाल में रह रही थी। मां सुंदरा की शादी हसनपुर निवासी रामराज से हुई थी। लेकिन, पारिवारिक मतभेद के चलते वह मायके में ही बस गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार अब तक सरकारी योजनाओं से वंचित है। परिवार के लोग जर्जर कच्चे मकान में रह रहे हैं। मृतका मां की इकलौती संतान थी।
दिलाई जाएगी राहत
एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि दोनों घटनाओं में राजस्व टीमों को भेजकर जांच कराई गई है। पात्रता के अनुसार दैवीय आपदा राहत योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।