अमेठी। खेरौना निवासी विद्याशंकर प्रजापति (38) का शव सोमवार सुबह दुर्गापुर रोड बाईपास की सर्विस लेन के पास झाड़ियों में हाईटेंशन लाइन के नीचे पड़ा मिला। प्रारंभिक जांच में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत होने की बात सामने आई है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने शव ले जाने से मना कर दिया और ऊर्जा निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने समझाकर परिजनों को शांत कराया।
रामसूरत प्रजापति ने बताया कि उनका बेटा विद्याशंकर मेले में छोटी दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। रविवार शाम वह खेतों में फसलों को जानवरों से बचाने के लिए कंटीली झाड़ियां लेने बाईपास के किनारे खेत की ओर गया था। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। रात में कई बार फोन किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
सोमवार सुबह झाड़ियों में हाईटेंशन लाइन के नीचे शव पड़ा होने की जानकारी मिली। शव के पास लकड़ी का डंडा भी पड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाईटेंशन लाइन घटनास्थल पर भूमि से करीब छह फीट ऊपर गुजर रही थी। आशंका जताई गई कि युवक के हाथ में मौजूद हरी लकड़ी लाइन से छू गई होगी, जिससे करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
सूचना पर फील्ड यूनिट के साथ सीओ मनोज कुमार मिश्र पुलिस टीम लेकर मौके पर पहुंचे। टीम ने साक्ष्य जुटाए। इसी बीच परिजन शव ले जाने से मना कर पुलिस वाहन के सामने आ गए। ऊर्जा निगम के अधिकारियों को बुलाने की मांग को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच कुछ देर नोकझोंक हुई। बाद में अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा देकर उन्हें शांत कराया।
एएसपी ज्ञानेंद्र ने बताया कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत होने की जानकारी मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शव से लिपटकर रोती रही पत्नी
विद्याशंकर की मौत की खबर मिलते ही पत्नी रेनू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह शव से लिपटकर बिलखती रही। बेटे शिवम, पिंटू और सिद्धार्थ भी पिता की मौत से बेहाल रहे। मां कलावती, भाई करुणा शंकर, शिव शंकर और विजय शंकर तथा बहनें शशिकला और शशि देवी भी गमगीन रहीं।
आवासीय भवनों के पास से गुजर रही लाइन
स्थानीय निवासी मनोज कुमार, अमित आदि के मुताबिक आवासीय भवनों के समीप से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। पास में बाईपास फेस-2 का निर्माण भी चल रहा है। लोगों का कहना है कि लाइन की ऊंचाई कम होने से हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने लाइन को सुरक्षित ऊंचाई पर ले जाने की मांग की है।
नया खंभा लगाकर 25 फीट की गई ऊंचाई
अधिशासी अभियंता उमेश कुमार ने बताया कि हाईटेंशन लाइन नीचे होने की बात गलत है। सुरक्षा के मद्देनजर नया खंभा लगाकर लाइन की ऊंचाई 25 फीट कर दी गई है। मामले की जांच कर रिपोर्ट भेज दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।