अमेठी। जब-जब धरा पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब श्रीहरि पापियों के संहार के लिए अवतरित होते हैं। ये बातें अमेठी ब्लॉक के पूरे दत्ता मजरे दरखा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार को प्रवाचक आचार्य श्रीराम मिश्र ने कहीं।
प्रवाचक ने बताया कि जब कंस के अत्याचार से चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई। अधर्म चरम पर हो गया। तब श्रीहरि को धर्म स्थापना और असुरों के संहार के लिए माता देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान के रूप में अवतरित होना पड़ा। उन्होंने बताया कि वासुदेव भगवान को नंद बाबा के घर पहुंचाकर कन्या को लेकर फिर कारागार में आ गए। आकाशवाणी के बाद से कंस का अत्याचार और बढ़ गया।
प्रवाचक ने कहा कि लोगों को अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए। भगवत भजन ही मोक्ष का मार्ग प्राप्त करने का सुगम साधन है। आस्था और विश्वास के साथ भागवत भजन करने वाला जीव भवसागर पार कर जाता है। इस दौरान रमेश चंद्र मिश्र, राम महेश मिश्र, संदीप मिश्र, डॉ. सुरेश चंद्र मिश्र, अमिताभ मिश्र, रमेश मिश्र, विनोद कुमार पांडेय, मनोज देव पांडेय आदि मौजूद रहे।