अमेठी। घरेलू हिंसा क्या होती है, उससे कैसे बचें,, और क्या किया जा सकता है। सुरक्षा को लेकर कैसे सतर्कता बरतें, साइबर ठगी से कैसे बचाव करें... इन तमाम बिंदुओं पर निरक्षर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शिक्षकों की तीन सदस्यीय टीम ने महिला शिक्षा रोबोटिक डिवाइस तैयार की है। इस डिवाइस से निरक्षर महिलाओं को हर एक बिंदु के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इस डिवाइस को भारत सरकार ने पेटेंट का प्रमाणपत्र जारी किया है। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) के सेटेलाइट सेंटर टीकरमाफी के समाजशास्त्र विभाग के समन्वयक डॉ. शंकर कुमार लाल ने बताया कि संस्थान के प्रशासनिक प्रभारी एवं आईटी सेल के प्रमुख डॉ. नीरज कुमार तिवारी और महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी, बिहार के कुलपति प्रोफेसर संजय श्रीवास्तव के साथ मिलकर महिला शिक्षा रोबोटिक डिवाइस तैयार की है। भारत सरकार से पेटेंट मिला है। दावा है कि डिवाइस की मदद से महिलाओं को उत्तम शिक्षा सरल तरीके से सीखने की क्षमता में सहयोग मिलेगा।
बताया कि तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद तैयार की गई इस डिवाइस से निरक्षर महिलाओं को विशेष रूप से विज्ञान, तकनीकी, इंजीनियरिंग, और गणित शिक्षा में सशक्त करना है। डिवाइस का प्रमाणीकरण भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति और संवर्धन के बौद्धिक संपदा विभाग द्वारा किया गया है।
यह डिवाइस प्रोग्रामिंग रोबोट, इंटरएक्टिव सॉफ्टवेयर, सेंसर्स, और विभिन्न शैक्षिक सामग्री के साथ तैयार की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को विभिन्न शैक्षिक क्षेत्रों में बेहतर बनाना है। यह डिवाइस महिलाओं के लिए न केवल एक तकनीकी उपकरण है, बल्कि इससे महिलाओं में रचनात्मकता को बढ़ावा मिलेगा।