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Amethi News: महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से नहीं हैं कम

Sat, 09 Mar 2024 02:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर टीकरमाफी स्थित बाबा साहब डॉ. आंबेडकर यूनिवर्सिटी के सेटेलाइट कैंपस में बीबीएयू और नेहरू युवा केंद्र की ओर से कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सेटेलाइट सेंटर की बालिकाओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर आज के भारत में महिलाओं की सामाजिक स्थिति की तस्वीर प्रस्तुत करते हुए बेटी बचाओ के संदेश दिए। सेटेलाइट सेंटर के निदेशक डॉ. संदीप नायक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस जाति, धर्म, क्षेत्र, संप्रदाय, लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त कर महिलाओं को हर क्षेत्र में समता, समानता का संदेश देता है। बेटी, बहू, सखा और मां की भूमिका में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से कमजोर नहीं हैं। मुख्य अतिथि नेहरू युवा केंद्र की उपनिदेशक डॉ. आराधना राज ने कहा कि नेहरू युवा केंद्र संगठन दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी संगठन है, युवा केंद्र युवाओं को कॅरियर निर्माण के साथ राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करने में एक बड़े प्लेटफार्म के रूप में काम कर रहा है।
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संजय गांधी अस्पताल की चिकित्सक डाॅॅ मीना शर्मा ने महिलाओं में स्वास्थ्य की समस्या की तरफ फोकस किया और कहा कि देश की 80 फीसदी महिलाएं एनीमिया की शिकार हैं। छात्र छात्राओं को फास्ट फूड से बचने और संतुलित आहार तथा सुबह व्यायाम कर हमेशा स्वस्थ बने रहने की सलाह दी।
इंजीनियर लालमणि कश्यप ने अपनी संस्था साहस की ओर से पंचायती राज, ग्राम विकास, शोध और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर डाॅ. शंकर लाल, डाॅ. बी पात्र, डाॅ. हर्ष प्रकाश, डाॅ. मुरली, शहबाज, मीरा गुप्ता, संजीव भारती, डाॅ. अरविंद, एसपी सिंह, चंद्र पाल यादव, सरिता सिंह, संदीपा, आंचल शर्मा, प्रतिमा, ब्राह्मिनी सिंह, मीना, रिया पाल आदि मौजूद रहे।
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इनसेट
कन्या भ्रूण हत्या रोकने के संदेश
कार्यक्रम के दौरान प्राची, वैष्णवी,रिया पाल,लक्षिता, रितिका, जान्हवी, सताक्षी दूबे, पूजा गौतम आदि छात्राओं ने सुंदर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती के देश में कोख में ही बेटियों को मारने की समस्या को फोकस किया। बेटी बचाओ के संदेश के साथ कहा -बेटी को न समझो भार,ये है जीवन का आधार नारे के माध्यम से संदेश दिया।

केस स्टडी में सुनाई अपने संघर्ष की कहानी
डॉ. आराधना राज ने कहा कि मेरा जन्म आज के 58 साल पहले बुंदेलखंड में हुआ। मेरे जन्म के समय बेटियां जन्म होते ही मार दी जाती थीं। मैं अकेली लड़की थी जिसने नदी पार करके 13 किमी दूर जाकर पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद अपने गांव को सुंदर और विकसित बनाने का संकल्प लिया। जालौन जिले का हमारा छोटा सा गांव अर्चना दीदी के गांव के नाम से जाना जाता है। गांव में व्यक्ति के जीवन कौशल विकास की सारी सुविधाएं हैं।

इन्हें किया गया सम्मानित
खेल जगत में ब्रामणी सिंह अंडर 19 में ओलंपिक पदक विजेता, सरिता सिंह अध्यक्ष रामा महिला मंडल संग्रामपुर को महिलाओं को बनाने के लिए ,मीरा गुप्ता अध्यापिका उच्च प्राथमिक विद्यालय गगौली को शिक्षा के क्षेत्र में अहम् योगदान, प्रतिमा राष्ट्रीय स्वयं सेवक नेहरू युवा केंद्र को सरकार की योजनाओं को ग्राम तक पहुंचाने में सराहनीय योगदान के लिए संजीव भारती को वरिष्ठ समाज सेवक, सामाजिक क्षेत्र में अमेठी जिले में उत्कृष्ट कार्य के लिए चन्द्र पाल यादव, डॉ यस पी सिंह को महिला खिलाड़ियों को निस्वार्थ भाव से अमेठी जनपद में प्रशिक्षित करने के लिए सम्मानित किया गया।
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