मुसाफिरखाना। भीखीपुर निवासी कबाड़ कारोबारी रमन कुमार उर्फ बबलू अग्रहरि के अपहरण और फिरौती प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी घटना की असली वजह पर संशय बरकरार है। अपहरण फिरौती के लिए किया गया या किसी बकाया देनदारी के विवाद का नतीजा था, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
इस बीच कारोबारी और चालक के बयान का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें चालक ने एसओजी टीम पर धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन अब तक पुलिस को साक्ष्य हाथ नहीं लगे हैं। आठ लाख रुपये की बैंक निकासी के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
संदिग्ध को हिरासत में लेने के साथ पुलिस टीम को कस्बे से लेकर अयोध्या के चमनगंज तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद अपहरणकर्ताओं की लोकेशन गैर जनपद में मिली। इसके बाद पुलिस टीम संबंधित जिलों में डेरा डालकर संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सूत्रों के अनुसार अपहरण, फिरौती और रिहाई के बीच की कड़ियों को पुलिस जोड़ चुकी है। सर्विलांस सेल और सीसीटीवी इनपुट के आधार पर जांच का दायरा अयोध्या, बस्ती, गोंडा समेत आसपास के जिलों तक बढ़ा दिया गया है।
कुछ गैर जनपद के अपराधियों के साथ स्थानीय लोगों की संलिप्तता के संकेत भी मिले हैं। अपहर्ता लगातार ठिकाने बदल रहे हैं, जिससे गिरफ्तारी में दिक्कत आ रही है। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने बताया कि संदिग्धों से गहन पूछताछ जारी है और जांच अंतिम चरण में है। उनका कहना है कि जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा कर दिया जाएगा।