जिला अस्पताल में मरीज का इलाज करते फिजिशियन डॉ. अमित यादव। -संवाद
अमेठी सिटी। बदलते मौसम का व्यापक असर स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। दिन और रात के तापमान में करीब 12 डिग्री सेल्सियस के अंतर के कारण दिन में तेज धूप और शाम होते ही ठंड का अहसास हो रहा है। मौसम के इस दोहरे प्रभाव का ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों के इम्यून सिस्टम पर पड़ रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बुखार, गले का संक्रमण और सांस से जुड़ी समस्याओं वाले मरीज अधिक सामने आ रहे हैं। जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
जिला अस्पताल में रोजाना 800 से 900 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें मेडिसिन और बालरोग विशेषज्ञ की ओपीडी में संख्या सबसे अधिक है। वृद्ध रामखेलावन ने बताया कि कई दिनों से जुकाम के साथ खांसी और बुखार आ रहा है। पूरा बदन टूट रहा है। चिकित्सक ने जांच कराने के साथ दवा दी है। वृद्धा राजरानी ने बताया कि खांसी, जुकाम के साथ सांस भी फूल रही है। चिकित्सक ने दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी है।
चिकित्सकों ने दी एहतियात बरतने की सलाह
फिजिशियन डॉ. अमित कुमार यादव का कहना है कि तापमान में बदलाव के कारण बुखार के मामले बढ़ते हैं। ऐसे में ऊनी कपड़े पहनें। उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने, गुनगुना पानी और गर्म भोजन लेने, ठंडी चीजों से परहेज करने की सलाह दी है। धूल-मिट्टी से बचाव भी जरूरी बताया है ताकि सांस संबंधी बीमारियां न हों। ये भी बताया कि मौसम में अचानक बदलाव से बुजुर्गों में कार्डियक अटैक का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने चिकित्सकीय परामर्श के बाद दवा लेने की सलाह दी है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक उज जमा ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव होने पर बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी-जुकाम या बुखार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने नवजात बच्चों की विशेष देखभाल और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न देने की सलाह दी है।