मुसाफिरखाना तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत संगठन
मुसाफिरखाना। तहसील परिसर में चल रहे अधिवक्ताओं के आंदोलन का असर लगातार वादकारियों पर पड़ रहा है। 30 दिसंबर से एसडीएम के विरोध में जारी प्रदर्शन मंगलवार को भी समाप्त नहीं हुआ। इसके चलते न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप रहे और दूरदराज से पहुंचे वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम तक इतंजार करने के बाद वादी मायूस होकर लौट गए।
एसडीएम की अदालत में 26, एसडीएम न्यायिक की अदालत में 81, तहसीलदार की अदालत में 22, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की अदालत में 23 तथा नायब तहसीलदार जगदीशपुर की अदालत में 35 मुकदमे मंगवार को सूचीबद्ध थे, लेकिन किसी भी मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।
सुबह से पहुंचे वादकारी दिनभर तहसील परिसर में इंतजार करते रहे, मगर वादों की सुनवाई नहीं हो सकी। बार एसोसिएशन के सचिव राजीव कुमार तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर और गेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थिति सामान्य न होने से वादकारियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।