संग्रामपुर। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर मौहरिया बनवीरपुर गांव में कवि सम्मेलन का आयोजन कवि सुधीर रंजन के संयोजन में किया गया। अध्यक्षता वरिष्ठ कवि पं. रामबदन शुक्ल पथिक और संचालन युवा कवि अंकित तिवारी ने किया।
प्रतापगढ़ से आए कवि शीतला सुजान ने कार्यक्रम की शुरुआत वाणी वंदना से की। परवाना प्रतापगढ़ी ने भगवान श्रीराम पर आधारित काव्य कृति राम रसायन से छंद सुनाए, जिस पर पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। कवि सुरेश शुक्ल नवीन की मार्मिक पंक्तियां दर्द हमको मिला वो संवरते रहे, हम तरसते रहे वो बरसते रहे... को श्रोताओं ने खूब सराहा। हरिवंश शुक्ल शौर्य ने शक्तिशाली भारत माता नागिन सी फुफकार रही... सुनाकर तालियां बटोरीं।
कवि शीतला सुजान, रामेश्वर सिंह निराश, चंद्र प्रकाश पांडेय मंजुल, अनूप त्रिपाठी, अंकित त्रिपाठी, सुधीर रंजन, जगदंबा तिवारी ने भी समसामयिक, राजनीतिक और हास्य-व्यंग्य से भरपूर कविताएं सुनाईं। विशिष्ट अतिथि रेलवे सलाहकार बोर्ड के सदस्य अनुपम पांडेय ने भी काव्य पाठ किया। इस अवसर पर रमाकांत तिवारी, धीरेंद्र मिश्र, हनुमान प्रसाद तिवारी, गिरीश तिवारी, अंकित सिंह, डंपी सिंह, लवलेश दूबे, राम कृपाल यादव, जगदीश वर्मा, सूर्य नारायण सिंह, शंकर वर्मा, राजबहादुर पाल, राजकरन पाल, रामलखन वर्मा आदि मौजूद रहे।