गौरीगंज (अमेठी)। लॉकडाउन की अवधि में गैर प्रांतों से आए ढाई हजार लोगों को जिला प्रशासन ने अस्थाई रैन बसेरों में क्वारंटीन किया है। रैन बसेरों में हो रही मुश्किलों को दूर करने के लिए सभी को उनकी ग्राम पंचायतों के प्राथमिक स्कूल में शिफ्ट किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में क्वारंटीन किए गए लोगों की निगरानी ग्राम प्रधान, सचिव व लेखपाल को दी गई है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की कोशिश में जुटे जिला प्रशासन ने लॉकडाउन की अवधि में जिले में आने वाले करीब ढाई हजार लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अस्थाई रैन बसेरों में क्वारंटीन कर रखा है। इसके अतिरिक्त 12 मार्च के बाद आए लोगों को चिह्नित कर संबंधित ग्राम पंचायतों के प्राथमिक स्कूल में रख गया है।
रैन बसेरों में रखे गए लोगों की परेशानी को देखते हुए उनकी मांग पर जिला प्रशासन ने उन्हें उनकी ग्राम पंचायतों में स्थित प्राथमिक या उच्च प्राथमिक स्कूल में रखकर क्वारंटीन करने की योजना बनाई है। कवायद सफल हो सके, इसके लिए गैर प्रांतों से लौटे लोगों को ग्राम प्रधान के सुपुर्द कर अधिग्रहीत स्कूल में शिफ्ट किया जा रहा है।
स्कूल में इनकी निगरानी की जिम्मेदारी लेखपाल व पंचायत सचिव के कंधों पर होगी। गैर प्रांतों से लौटे ग्रामीणों में कोरोना के लक्षण न मिलने तथा क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद उन्हें घर जाने की अनुमति मिलेगी।