अमेठी। स्थानीय थाने के विसूरा मजरे संभावा में दस दिन पूर्व हुई मारपीट में घायल बुजुर्ग की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे अफसरों ने मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन देते हुए ग्रामीणों को शांत कराया। ग्रामीणों के शांत होने व शव का अंतिम संस्कार होने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। गांव में एहतियातन फोर्स तैनात कर आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश की गई है।
गौरीगंज थाने के विसूरा मजरे संभावा गांव में 21 मई को मामूली विवाद में पंचायत के दौरान दबंगों ने जगदीश सिंह व उनके भतीजे राघवेंद्र सिंह की जमकर पिटाई कर दी थी। सूचना पर गांव पहुंची पुलिस ने दोनों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजते हुए पुत्र मानवेंद्र सिंह की तहरीर पर प्रधान ज्ञानमती के पति संजय यादव, दान बहादुर, राजकुमार, दिनेश कश्यप, रमेश यादव, विकास तिवारी व राजकुमार के खिलाफ केस दर्ज किया था।
इलाज के दौरान जगदीश सिंह की हालात नाजुक देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल सुल्तानपुर रेफर कर दिया था। इलाज के दौरान सोमवार को जगदीश सिंह की मौत हो गई। मौत के बाद मंगलवार को शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया व घटना के दस दिन बाद भी नामजद लोगों की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीण भड़क गए।
ग्रामीण हत्या आरोपी की गिरफ्तारी तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की जिद पर अड़ गए तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। आननफानन भारी पुलिस बल तैनात करते हुए गांव पहुंचे एएसपी दयाराम सरोज ग्रामीणों को समझाने में जुट गए।
ग्रामीण संजय यादव को ईनामी बदमाश घोषित करने, परिवार को शस्त्र लाइसेंस के साथ 20 लाख रुपये देने तथा 24 घंटे में हत्या में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तार की मांग करने लगे। एएसपी ने मांगेें पूरी करने का आश्वासन देते हुए ग्रामीणों को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी किया।
शव का अंतिम संस्कार होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। गांव में एहतियातन फोर्स तैनात करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर तलाश की जा रही है। एएसपी ने बताया कि हत्या में शामिल दिनेश कश्यप व राजकुमार को गिरफ्तार कर चालान कोर्ट भेजा जा चुका है। शेष की जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।