अमेठी। सोशल मीडिया के बढ़ते चलन के साथ ही साइबर अपराध भी बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। इससे बचने का सबसे कारगर उपाय सतर्कता और जागरूकता है। मंगलवार को श्री रणंजय इंटर कॉलेज ठेंगहा में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में ये बातें क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्र ने कहीं। उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए साइबर सुरक्षा, महिला अधिकार और कानून संबंधी जानकारी साझा की।
सीओ ने कहा कि सोशल मीडिया पर निजी जानकारी, फोटो और मोबाइल नंबर साझा करने से बचें। कोई पीछा करे, परेशान करे या गलत इशारा करे तो तुरंत 1090 या 112 पर कॉल करें। पुलिस किसी को भी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती, अगर कोई ऐसा कहे तो उसकी बातों में न आएं। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध के लिए 1930, महिला सुरक्षा के लिए 1090 और 181 हेल्पलाइन उपलब्ध हैं। विपरीत परिस्थिति में घबराएं नहीं बल्कि किसी भरोसेमंद व्यक्ति की मदद से पुलिस से संपर्क करें।
कार्यक्रम में सीओ ने छात्राओं को बताया कि अगर कोई शिक्षक या जान-पहचान वाला मानसिक दबाव बनाए तो भी 1090 या स्कूल प्रशासन से मदद ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न किसी भी रूप में हो, उसे चुपचाप सहना गलत है। सीओ ने यह भी बताया कि पुलिस को सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
प्रधानाचार्य जयप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि छात्राएं इस कार्यक्रम से मिली जानकारी को अपने परिवार और समाज में भी साझा करें ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें। कार्यक्रम में शिक्षक शिव प्रसाद त्रिपाठी, संजय सिंह, गायत्री पांडेय, अनिता पांडेय, नीलम शुक्ल और ध्रुव कुमारआदि मौजूद रहे।
छात्राओं ने पूछे सवाल, सीओ ने दिए जवाब
कार्यक्रम के दौरान शाम्भवी मिश्र (कक्षा 12) ने पीछा करने वालों और अश्लील इशारे करने वालों पर कार्रवाई के लिए कैसे सहायता मांगी जाए, इस पर सवाल पूछा। कविता (कक्षा 12) ने सोशल मीडिया पर ब्लैकमेलिंग से बचाव के लिए जरूरी उपायों के बारे में जाना। प्रिया ओझा (कक्षा 12) ने रात में अकेले बाहर होने पर पुलिस की मदद कैसे ली जाए, इसके बारे में प्रश्न पूछा। रोशनी (कक्षा 12) ने सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने पर मदद के लिए पुलिस हेल्पलाइन नंबर के बारे में पूछा। रचना (कक्षा 12) ने बोर्ड परीक्षा के अंकों के महत्व पर विचार जानना चाहा। प्रगति गुप्ता (कक्षा 10) ने बिना फोन के आपात स्थिति में सहायता के बारे में जानकारी ली। सभी सवालों के जवाब देते हुए सीओ ने हेल्पलाइन, कानूनी विकल्प और मानसिक रूप से मजबूत बने रहने की सलाह दी।