पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य रेलवे स्टेशन, भीड़ वाले स्थान संग वैवाहिक कार्यक्रमों से सात वर्ष से अधिक पुरानी होंडा, हीरो और बजाज प्लेटिना बाइक चुराते थे। बाइकों को सुरक्षित कमरों में रखते थे और उन्हें स्मैक, गांजा व प्रतिबंधित मांस तस्करी सहित अन्य वारदात के लिए किराए पर देते थे। एक रात के 500 से एक हजार रुपये लेते थे। किराए पर देते समय सिर्फ एक शर्त होती थी कि पुलिस दिखे तो बाइक छोड़कर फरार हो जाएं। ऐसे में बाइक बरामद होने के बाद भी पुलिस चोरों तक नहीं पहुंच पाती थी।
2018 के बाद सबसे ज्यादा बाइकें बरामद
बाइक चोरों पर वैसे तो जिले में लगातार कार्रवाई हो रही है। कभी तीन तो कभी पांच बाइकें भी बरामद होती रही हैं, लेकिन गौरीगंज पुलिस संग स्वाट व सर्विलांस टीम ने रविवार को 22 चोरी की बाइक बरामद कर रिकॉर्ड बनाया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 27 अगस्त 2018 को मोहनगंज पुलिस ने 29 चोरी की बाइकें बरामद की थीं। उसके बाद से अब 22 चोरी की बाइकें बरामद हुई हैं।
चार पर दर्ज हैं आपराधिक केस
पकड़े गए बाइक चोर में शामिल जुनैद पर जिले के अलग-अलग थानों में 13 आपराधिक केस दर्ज हैं। अरमान पर चार, मुशर्रफ पर लखनऊ के आशियाना थाने में तीन केस दर्ज हैं। मोईन खान की भी पुलिस को दो मामलों में तलाश थी।
जुनैद से पुलिस को हो चुकी है मुठभेड़
जगदीशपुर क्षेत्र के नया का पुरवा मजरे खैरापुर गांव निवासी जुनैद बाइक चोर गिरोह का सरगना है। जुनैद पर सात गोवध अधिनियम के केस तो दो आर्म्स एक्ट, एक एनडीपीएस एक्ट तथा गैंगस्टर एक्ट के केस दर्ज हैं। जुनैद की जगदीशपुर पुलिस से जनवरी 2024 में मुठभेड़ हुई थी। जमानत पर रिहा होने के बाद भी जुनैद दोबारा सक्रिय होकर अपराध में जुट गया। संवाद
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