अमेठी सिटी। जिले में यूरिया वितरण को लेकर किसानों की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक बोरी यूरिया खरीदने के लिए पहले खतौनी निकलवाने पर 30 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। उसके बाद घंटों लाइन में खड़े रहने पर ही खाद मिल पा रही है। मंगलवार को सर्वर की खराबी ने किसानों की समस्या और बढ़ा दी।
गौरीगंज स्थित इफको सेंटर पर 1056 बोरी यूरिया उपलब्ध थी, लेकिन दोपहर तक 200 से अधिक किसान पसीने में तरबतर लाइन में खड़े दिखाई दिए। किसान तुलसीराम ने बताया कि दो बोरी यूरिया लेनी थी, लेकिन खतौनी न होने पर बाहर से 30 रुपये खर्च कर निकलवानी पड़ी। करीब तीन घंटे इंतजार के बाद खाद मिल सकी। इसी तरह किसान सुरेंद्र कुमार, अरविंद, रमेशचंद्र, रामराज, पार्वती, ममता और इंद्रावती ने बताया कि सुबह आठ बजे से पहुंचे थे।
सर्वर इतना धीमा है कि एक किसान को अंगूठा लगाने में तीन-तीन बार कोशिश करनी पड़ रही है। गौरीगंज के माधोपुर साधन सहकारी समिति पर मंगलवार को मात्र 90 बोरी यूरिया आई। सुबह से लाइन में लगे किसान श्यामलाल, वीरेंद्र, श्रवण और जयप्रकाश ने बताया कि जलभराव के बीच खड़े रहना पड़ रहा है, ऊपर से मशीन काम ही नहीं कर रही। समिति सचिव संजय द्विवेदी ने माना कि एक किसान को खाद खारिज करने में 20 मिनट तक लग रहे हैं।
सहकारिता आयुक्त अरविंद कुमार ने कहा कि वितरण व्यवस्था की जांच कराई जा रही है। जहां धांधली मिलेगी, वहां संबंधित सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल जिन समितियों पर यूरिया खत्म हो चुकी है, वहां बफर स्टॉक से आपूर्ति की जा रही है।
पांच घंटे में ही बंट गई 500 बोरी यूरिया
शाहगढ़ के दुलापुरकला सहकारी समिति पर सोमवार को सुबह नौ बजे 500 बोरी यूरिया पहुंची। किसानों के मुताबिक दोपहर तीन बजे तक पूरी खाद गायब हो गई। शिवदर्शन, रामललन और रामसजीवन ने आरोप लगाया कि यूरिया आने और बांटने की जानकारी किसानों को नहीं मिलती। कुछ लोगों की मिलीभगत से धांधली की जा रही है।