जगदीशपुर (अमेठी)। स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र स्थित उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के आवासीय सेक्टर में रोक के बावजूद व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन दशकों से हो रहा है। ऐसे में अब यूपीसीडा की ओर से करीब सात नर्सिंग होम संचालकों को नोटिस दिया गया है।
जगदीशपुर औद्योगिक क्षेत्र के आवासीय सेक्टर में व्यावसायिक गतिविधियों के बेरोकटोक संचालन से कॉलोनी के लोगों को परेशानी हो रही है। काॅलोनीवासियों के अनुसार प्राधिकरण सहूलियतों के बदले शुल्क की वसूली तो करता है, लेकिन इनका जीवन ग्रामीणों से भी बदतर है। सीवर लाइन चालू स्थिति में नहीं है, जगह-जगह बने पार्क में गंदगी की भरमार है। नालियां गंदगी से पटी हैं और कई नर्सिंग होम के संचालन से समस्या और बढ़ गई है। यहां आने वाले मरीज व तीमारदार अपने वाहन अगल-बगल की सर्विस लेन पर बेतरतीब ढंग से खड़े करते हैं।
कभी-कभी तो इन वाहनों को लेकर लोगों से कहासुनी भी होती है। नर्सिंग होम के जेनरेटर से निकलने वाला धुआं लोगों को बीमार बना रहा है। प्राधिकरण के खाली स्थानों पर नर्सिंग होम से निकलने वाला कचरा डंप होने से गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। प्राधिकरण के अयोध्या मंडल प्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि आवासीय परिसर में नर्सिंग होम चलाने वालों को परिसर खाली करने के लिए नोटिस दिया जा रहा है। अगर फिर भी ये नहीं मानते हैं तो मुख्यालय से निर्देश लेकर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।