अमेठी। आगामी वर्ष के फरवरी माह में राजधानी में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। इन्हीं तैयारियों के बीच नए औद्योगिक निवेश के लिए 11 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य की जिम्मेदारी अयोध्या मंडल को दी गई है। लक्ष्य पूर्ति के लिए नए औद्योगिक निवेशकों की सुविधा व प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यूपीसीडा ने लिस इन्वेस्टर्स हेल्प डेस्क की स्थापना की है।
आगामी फरवरी माह में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को शासन से 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य मिला है। इसके बाद यूपीसीडा नए औद्योगिक निवेशकों को प्रोत्साहित करेगा। इसके लिए यूपीसीडा ने लिस इन्वेस्टर्स हेल्प डेस्क की स्थापना कर निवेशकों को सहूलियत देने की कवायद शुरू की है।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी से मिले निर्देश के बाद अयोध्या मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक केएन श्रीवास्तव ने शुक्रवार को बताया कि जीआईएस 2023 की योजना सफल बनाने हेतु कार्ययोजना के प्रथम चरण में अधिक से अधिक निवेश बढ़ाने के लिए उद्यमी संगठनों के साथ जल्दी ही गोष्ठी की जाएगी। प्रदेश सरकार के औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 की जानकारी साझा करते हुए नए निवेशकों को इकाइयों की स्थापना के लिए आकर्षित किया जाएगा।
आरएम ने बताया कि अमेठी में 478.71 एकड़ औद्योगिक, 34.64 एकड़ व्यवसायिक और 19.65 एकड़ आवासीय भूमि उपलब्ध है। क्षेत्रीय प्रबंधक का ये भी कहना है कि अमेठी में नए निवेशकों के लिए जमीनों की कोई कमी नहीं है। रोजगार बढ़ाने के लिए बंद पड़ी इकाइयों के अलावा रिक्त भूखंडों पर नए औद्योगिक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। निवेशकों को हर संभव सहूलियत दी जाएगी। इसके अलावा यूपीसीडा ने प्लेटेड फैक्टरी निर्माण की योजना पर भी कार्य करना प्रारंभ कर दिया है।
एमएसएमई 2022 और टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स पॉलिसी 2023 के तहत नए औद्योगिक निवेशकों को स्टांप शुल्क में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। विस्तारीकरण एवं विविधीकरण के स्टांप शुल्क में भी छूट मिलेगी।
क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत क्रियाओं का सरलीकरण होगा। वृहद, मेगा, सुपर मेगा, अल्ट्रा मेगा आदि चार प्रमुख श्रेणियों में नए निवेशकों को बांटकर उन्हें सुविधा मुहैया कराई जाएगी। 100 एकड़ से अधिक के निजी औद्योगिक पार्कों पर 50 करोड़ रुपये के अनुदान की व्यवस्था होगी।
क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि जगदीशपुर के औद्योगिक क्षेत्र को पोल्ट्री फीड उद्योगों से नई पहचान मिली है। इस समय औद्योगिक क्षेत्र में जाफा कंफीड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सुगना फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, शालीमार पैलेट फीड्स व सालवा एग्रो हैचरीज प्राइवेट लिमिटेड पहले से कार्यरत हैं। स्काई लार्क फीड्स प्राइवेट लिमिटेड निर्माणाधीन है। इसके अलावा इस औद्योगिक क्षेत्र में सेल, भेल व ग्रासिम इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियां पहले से संचालित हैं।