अमेठी। नौकरी की तलाश में दुबई गया जायस कस्बे का एक युवक सोने के इंटरनेशनल तस्करों के गैंग का मोहरा बन गया। सोने के बिस्किट का पार्सल लेकर दुबई से लखनऊ पहुंचा युवक कुछ सोना लखनऊ में बेचकर चुपचाप घर आ गया तो तस्करों के गैंग के पांच लोग उसे तलाशते हुए जायस आ गए। ये लोग युवक व उसके भाई को पकड़कर ले जा रहे थे कि वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आरोपियों की गाड़ी से 506 ग्राम सोने के बिस्किट व 11.32 लाख कैश बरामद हुआ। एसपी ने बताया कि पूछताछ के बाद सभी सात लोगों को बरामद सोने के बिस्किट व कैश के साथ कस्टम के अधिकारियों की सुपुर्दगी में दे दिया है।
जायस थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी इकरार पिछले सितंबर माह में कमाने के सिलसिले में दुबई गया था। दुबई में इकरार को नौकरी नहीं मिली। नौकरी ढूंढते-ढूंढते उसके सारे पैसे भी खत्म हो गए। ऐसे में उसके पास वापसी के लिए टिकट का पैसा भी नहीं बचा। कई दिन तक दुबई में भटकने के बाद इकरार की मुलाकात लियाकत नामक व्यक्ति से हुई। लियाकत ने इकरार को वापस भेजने के लिए एक पैकेट भारत पहुंचाने की शर्त रखी। इकरार ने शर्त मान ली और लियाकत द्वारा दिए गए पैकेट को लेकर दो दिन पहले लखनऊ पहुंचा। इकरार ने पैकेट खोला तो उसमें सोने के बिस्किट थे। इनमें से कुछ बिस्किट लखनऊ में किसी व्यवसायी को बेचने के बाद वह शेष सोने के बिस्किट लेकर अपने घर जायस आ गया।
दुबई के तस्करों द्वारा बताए गए स्थान पर डिलीवरी नहीं होने पर इकरार के पास लगातार फोन आने लगे। इकरार ने पूरे मामले की जानकारी अपने भाई इरफान को दी। इसी बीच दुबई और भारत के सोना तस्करों के पांच लोग शुक्रवार देर शाम जायस पहुंचे और इकरार को पकड़ लिया। ये लोग देर रात इकरार व उसके भाई इरफान को लेकर लखनऊ रवाना हो गए। इसी बीच जायस पुलिस क्षेत्र के मोजमगंज चौराहे के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। राजस्थान के नंबर की गाड़ी देखकर पुलिस ने रुकवाकर तलाशी ली तो उसमें 506 ग्राम सोने का बिस्किुट व 11 लाख 32 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई। पुलिस ने वाहन में सवार सभी सात लोगों को हिरासत में ले लिया।
एसओ ने इसकी सूचना तत्काल एसपी डॉ. इलामारन जी. को दी। इस पर एसपी थाने पहुंच गए और आरोपियों से पूछताछ की। इसके बाद एसपी ने पूरे प्रकरण से कस्टम के अफसरों को अवगत कराया। सूचना मिलने पर आए कस्टम के अफसर बरामद नकदी, सोना व सभी सात आरोपियों को लेकर लखनऊ रवाना हो गए।
एसपी डॉ. इलामारन जी. ने बताया कि सोने के तस्करों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। ये लोग तस्करी के लिए इकरार जैसे मजबूर लोगों को मोहरा बनाते हैं। कहा कि पूछताछ के दौरान इन लोगों ने नियमित रूप से तस्करी करने की बात स्वीकार की है। बताया कि एसयूबी सवार लोगों की पहचान जिले के जायस थाना क्षेत्र के पूरे मदार मोहाना निवासी इकरार व इरफान के साथ ही उत्तराखंड के हरिद्वार के चुड़ियाला निवासी पुनीत सिंह, राजस्थान के जिला नागौरा के गांव गौसीया शेरानी निवासी मो. रफीक व मो. अली, यूपी के सहारनपुर जिले के ग्राम झाबिरन निवासी अश्वनी त्यागी व इसी जिले के छितौड़ा निवासी सचिन कुमार के रूप में हुई है।