अचानक से जमीन में गिरे गए किसान
उधर रामबोध यादव सुबह शौच के लिए खेतों की ओर गए थे। उन्होंने हीरालाल को खेत में पड़ा देखा तो उन्हें लगा कि वह अचानक गिर गए हैं। वह उन्हें उठाने और बचाने के लिए खेत में पहुंच गए, लेकिन खेत में उतरे करंट की जानकारी न होने के कारण खुद भी उसकी चपेट में आ गए। कुछ ही क्षणों में दोनों अचेत होकर गिर पड़े।
घटना की जानकारी होने पर आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। दोनों परिवारों की महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था।
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों किसान खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। एक ही गांव के दो लोगों की एक साथ मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। दिनभर लोगों का दोनों परिवारों के घरों पर आना-जाना लगा रहा। गांव में अधिकांश घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
बचाने गए, खुद भी गंवा बैठे जान
ग्रामीणों के अनुसार हीरालाल प्रजापति पहले करंट की चपेट में आए थे। उन्हें खेत में पड़ा देखकर रामबोध यादव मदद के लिए पहुंचे थे। करंट की जानकारी न होने के कारण वह भी खेत में उतर गए और उसकी चपेट में आ गए। कुछ ही क्षणों में दोनों की मौत हो गई। घटना को लेकर पूरे गांव में शोक व्याप्त है।
दो अर्थियां उठीं तो नम हो गईं गांव की आंखें
शुक्रवार को एक ही गांव के दो किसानों की मौत से हरपालपुर में शोक का माहौल बना रहा। दोनों परिवारों में मातम पसरा रहा। ग्रामीणों ने बताया कि जब अंतिम संस्कार के लिए दोनों घरों से अर्थियां निकलीं तो मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। गांव में पूरे दिन घटना की चर्चा होती रही।