गौरीगंज (अमेठी)। हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन कार्य में पारदर्शिता लाने की कवायद शुरू की है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने दो इंटर कॉलेजों को मूल्यांकन केंद्र प्रस्तावित करते हुए प्रस्ताव सचिव के पास भेजा है। सचिव स्तर से प्रस्ताव मंजूर होने के बाद निर्धारित तिथि से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का काम सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के बाद गैर जनपद से आवंटित होने वाली उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य की तैयारी जिले में तेज हो गई है। बोर्ड परीक्षा में सीसीटीवी कैमरे व वाइस रिकार्डर का प्रयोग सफल होने के बाद विभाग ने मूल्यांकन कार्य भी कैमरे की निगरानी कराने की योजना बनाई है। कवायद सफल हो सके इसके लिए जिले के रणंजय इंटर कॉलेज गौरीगंज व रणवीर इंटर कॉलेज रामनगर को मूल्यांकन केंद्र बनाने का प्रस्ताव सचिव के पास भेजा गया है।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सचिव की ओर से निर्धारित तिथि पर आवंटित गैर जनपद की बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का कार्य शुरू होगा। रणंजय इंटर कॉलेज में हाईस्कूल व रणवीर इंटर कॉलेज रामनगर में इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य होगा। मूल्यांकन कार्य को पारदर्शी बनाने के लिए सचिव के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने दोनों केंद्र प्रभारियों को पत्र जारी किया है।
पत्र में विषयवार मूल्यांकन कक्षों का निर्धारण करते हुए सभी कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के साथ पेयजल, प्रसाधन व अन्य मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त करने के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल के बीच मूल्यांकन तैयारियां पूरी करते हुए रिपोर्ट देने को कहा है।
डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्र ने बताया कि शहर के रणंजय इंटर कॉलेज को हाईस्कूल तो रामनगर स्थित रणवीर इंटर कॉलेज को इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन केंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। डीआईओएस ने बताया कि पारदर्शी व समय से मूल्यांकन कराने के लिए दोनों कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। प्रधानाचार्यों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में गड़बड़ी या सीसीटीवी संचालित नहीं मिलने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।