अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में पिछले 15 दिनों से अल्ट्रासाउंड जांच ठप होने के कारण गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को या तो 13 किलोमीटर दूर अमेठी सीएचसी जाना पड़ रहा है या फिर निजी जांच केंद्रों पर अधिक रुपये खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 35 से 40 मरीज अल्ट्रासाउंड जांच के लिए आते हैं, जिनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल होती हैं। डॉक्टर परामर्श के दौरान जांच लिखते हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच बंद होने से मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ता है। बृहस्पतिवार को भी कई मरीज बिना जांच कराए मायूस होकर लौट गए। सरकारी अस्पताल में निशुल्क जांच बंद होने से मरीजों को मजबूरन निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर का रुख करना पड़ रहा है, जहां 600 से 1000 रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है। इससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
13 किमी दूर जाकर सीएचसी में करानी पड़ती है जांच : गर्मी और भीड़भाड़ के बीच मरीजों को अमेठी सीएचसी जाकर जांच करानी पड़ रही है। वहां भी कई बार भीड़ के चलते तिथि आगे बढ़ा दी जाती है। इससे समय और किराया दोनों बर्बाद हो रहे हैं। जगदीशपुर में भी अल्ट्रासाउंड मशीन है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट न होने से सुविधा नहीं मिल पा रही।