अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में शुक्रवार को रेडियोलॉजिस्ट के न आने से अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो सकी। इसकी पूर्व सूचना न होने के कारण जांच कराने पहुंचे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। उन्हें 700 से एक हजार रुपये देकर बाहर जांच करानी पड़ी। गर्भवती संग कई जरूरतमंद आर्थिक तंगी के चलते बिना जांच कराए ही लौट गए।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 1200 मरीज पहुंचते हैं, जिनमें से 50 से 60 मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा 20 से 30 गर्भवती भी जांच कराने पहुंचती हैं। शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटका मिला। जांच कराने पहुंचे मरीजों ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की। इमरजेंसी वाले मरीजों को निजी सेंटरों पर जाकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा।
डॉ. सैयद मोहम्मद फैसल की नियमित तैनाती के बाद भी अल्ट्रासाउंड जांच को लेकर ऊहापोह की स्थिति रहती है। देवार देवकली गांव निवासी हरिश्चंद्र ने बताया कि गर्भवती पत्नी रीता की अल्ट्रासाउंड जांच करानी है। कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। जब आते हैं, तब ताला बंद मिलता है और चिकित्सक गायब रहते हैं। बाहर जांच के लिए सात सौ रुपये देने पड़ते हैं। अमेठी के महमदपुर निवासी नेहा ने बताया कि सुबह आठ बजे जिला अस्पताल आ गई थीं। अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पा रही है।
मटेरा भनियापुर विनीता शुक्ला ने बताया कि सुबह नौ बजे से आकर चिकित्सक को दिखाने के लिए लाइन में लगे हैं, यहां अभी तक नंबर नहीं आया। अल्ट्रासाउंड जांच करानी है, लेकिन कक्ष में ताला लटका है। कुढा गांव निवासी श्याम शुक्ल ने बताया कि अपनी पत्नी मंदाकिनी शुक्ला की अल्ट्रासाउंड जांच कराने के साथ चिकित्सक को भी दिखाना था। अल्ट्रासाउंड जांच ही नहीं हो पाई।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट दो दिन के अवकाश पर हैं। वहीं रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सैयद मोहम्मद फैसल ने बताया कि वह दो दिन अवकाश पर हैं। सोमवार को डॉ. आलोक तिवारी जांच करेंगे। मंगलवार को वह मिलेंगे।
दो दिन सोनोलॉजिस्ट करते हैं गर्भवती की जांच
जिले में रेडियोलॉजिस्ट की नियमित तैनाती के बावजूद भी अमेठी सीएचसी पर तैनात सोनोलॉजिस्ट डॉ. आलोक तिवारी सोमवार और बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचकर गर्भवतियों की जांच करते हैं। ऐसे में सीएचसी पर दो दिन अल्ट्रासाउंड बाधित रहता है। वहां मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है।