रेलवे स्टेशन पर सोमवार को ट्रेन की प्रतीक्षा करते यात्री।
अमेठी। दोहरीकरण व विद्युतीकरण के बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रही है। सोमवार को उद्योग नगरी एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से अमेठी पहुंची। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी तीन घंटे विलंब से गौरीगंज पहुंची। करीब 13 ट्रेनों के विलंब चलने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक पर ट्रेनों के विलंब से संचालित होने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। सोमवार को अप साइड (लखनऊ की तरफ जाने वाली) एकात्मा एक्सप्रेस, पुरी-नई दिल्ली नीलांचल एक्सप्रेस, वाराणसी-देहरादून जनता एक्सप्रेस व हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल एक-एक घंटा विलंब से अमेठी पहुंची।
इसी तरह डाउन साइड (लखनऊ की तरफ से आने वाली) दिल्ली-वाराणसी काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस तीन घंटे, भोपाल-प्रतापगढ़ एक घंटा, लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस दो घंटे, देहरादून-वाराणसी जनता एक्स्प्रेस, जम्मूतवी-राजेंद्रनगर अर्चना एक्सप्रेस एक-एक घंटा विलंब से संचालित हुई। मुंबई-प्रतापगढ़ उद्योग नगरी एक्सप्रेस भी तीन घंटे विलंब से अमेठी पहुंची।
इसके अतिरिक्त अन्य ट्रेनें भी 30 से 50 मिनट विलंब से संचालित हुई। ट्रेन से आरक्षित व साधारण टिकट पर दिल्ली समेत अन्य स्टेशनों की यात्रा करने वाले यात्रियों को ठंड मेें स्टेशन पर ट्रेन की प्रतीक्षा करनी पड़ी। सर्वाधिक परेशानी सोमवार को लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी से यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों को उठानी पड़ी। दैनिक यात्री समय से ड्यूटी नहीं पहुंच पाए।
स्टेशन मास्टर प्रवीण सिंह ने बताया कि लंबी दूरी की ट्रेनें अपरिहार्य कारणों से कुछ विलंब से संचालित हुईं। ट्रेनों की स्थिति की सूचना का प्रसारण कर यात्रियों को वेटिंग रूम में प्रतीक्षा करने की व्यवस्था की गई है।