जगदीशपुर (अमेठी)। रायबरेली-अयोध्या हाईवे स्थित पूरे शोहरत रेलवे क्रॉसिंग पर 18 मार्च को हुए हादसे के बाद रेलवे ने सुरक्षा के लिहाज से बड़ा फैसला लिया है। अब इस क्रॉसिंग के बंद रहने पर बाइक और साइकिल सवारों का निकलना संभव नहीं होगा।
लखनऊ-सुल्तानपुर-वाराणसी रेल लाइन स्थित पूरे शोहरत क्रॉसिंग पर रेलवे ने संरक्षा उपायों के तहत काम शुरू कर दिया है। चीफ सिग्नल इंस्पेक्टर सुल्तानपुर ने बताया कि हादसों को रोकने के लिए रेलवे की ओर से पूरे शोहरत क्रॉसिंग पर बूम व पेड
स्टल की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। ट्रैक से पेडस्टल और बूम की दूरी कम होने से कोई भी वाहन अब नीचे से निकलने की कोशिश नहीं कर पाएगा।
इससे ऐसी लापरवाही पर रोक लगेगी, जो अब तक हादसों की वजह बन रही थी। पहले ट्रैक से पेडस्टल की दूरी 15 मीटर थी, जो अब सात मीटर की जा रही है। बूम की लंबाई भी 9.90 मीटर से घटाकर 9.5 मीटर कर दी जाएगी। साथ ही, सड़क से बूम की ऊंचाई भी एक मीटर तक कम की जा रही है। इससे दोपहिया वाहनों की क्रॉसिंग के नीचे से निकलने की संभावना खत्म हो जाएगी।
स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि रेलवे ट्रैक से पेडस्टल और बूम की दूरी कम होने से स्वचालित क्रॉसिंग पर सुरक्षा में इजाफा होगा। बूम अब रेल ट्रैक के ज्यादा नजदीक होगा, जिससे सड़क और रेल यातायात के बीच नियंत्रण बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी, बल्कि बूम जल्दी नीचे आने से ट्रेनों की सुचारु आवाजाही और सड़क यातायात का संचालन भी प्रभावी होगा। समय की भी बचत होगी और यात्रियों के लिए यह व्यवस्था ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होगी।