जगदीशपुर। हरपालपुर गांव में निजी नलकूप का केबल टूटकर धान के खेत में गिर जाने से उतरे करंट की चपेट में आने से हीरालाल प्रजापति (50) और उन्हें बचाने पहुंचे रामबोध यादव (58) की मौत हो गई। एक ही गांव के दो किसानों की मौत से हरपालपुर में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस और ऊर्जा निगम के अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।
परिजनों के अनुसार हीरालाल बृहस्पतिवार रात निजी नलकूप पर सोने गए थे। इसी दौरान नलकूप और विद्युत पोल के बीच लगा केबल टूटकर पानी भरे धान के खेत में गिर गया। खेत में करंट फैलने से वह उसकी चपेट में आ गए। शुक्रवार सुबह गांव के रामबोध यादव खेत की ओर गए। वहां हीरालाल को पड़ा देखकर वह उन्हें उठाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन करंट की जानकारी न होने से वह भी उसकी चपेट में आ गए।
कुछ देर बाद हीरालाल की पत्नी राजी खेत पहुंचीं। दोनों लोगों को पड़ा देखकर उन्होंने शोर मचाया। सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद दोनों को ट्रॉमा सेंटर जगदीशपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई की गई है। उपखंड अभियंता विद्युत जगदीशपुर अनमोल सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में फेज और न्यूट्रल के संपर्क में आने से खेत में करंट उतरने की बात सामने आई है। मामले के सभी पहलुओं की जांच कराई जा रही है।
फैक्ट फाइल
करंट से हुए जानलेवा हादसे
- 8 जून 2026 : संग्रामपुर क्षेत्र में पानी की टंकी की सफाई के दौरान करंट लगने से 22 वर्षीय युवक की मौत।
- मार्च 2026 : जामों क्षेत्र में तार में उतरे करंट की चपेट में आने से किसान की जान गई।
- सितंबर 2025 : मुंशीगंज क्षेत्र के जलामा गांव में 11 हजार वोल्ट लाइन का तार टूटकर खेत में गिर गया। करंट की चपेट में आने से किसान रामदुलारे की मौत हो गई।
- सितंबर 2025 : भीमी गांव में धान की सिंचाई करने गया युवक झटका मशीन के करंट की चपेट में आने से मौत का शिकार हुआ।
- अगस्त 2025 : चारा मशीन चलाते समय करंट लगने से युवक की मौत हुई।
- सितंबर 2024 : खेत में पानी देखने गए किसान की करंट लगने से मौत हो गई थी।
बरतें ये सावधानी
ऊर्जा निगम के सेवानिवृत्त अवर अभियंता प्रमोद कुमार ने बताया कि पानी भरे खेत में बिजली का तार टूटकर गिरने पर दूर तक करंट फैल सकता है। ऐसी स्थिति में सीधे मौके पर नहीं जाना चाहिए। पहले बिजली आपूर्ति बंद कराकर विभाग को सूचना देनी चाहिए। सूखी लकड़ी या बांस की मदद से ही बचाव का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने लोगों से टूटे तारों और क्षतिग्रस्त केबल से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। सावधानी से बचाव किया जा सकता है।