अमेठी सिटी। जमीन पर कब्जे के विवाद में 16 साल पहले अयोध्याबख्स सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुल्तानपुर सुनील कुमार की अदालत ने दोषी दो भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 1.54 लाख रुपये अर्थदंड लगाया। इसमें से एक लाख रुपये पीड़ित पक्ष को देने का आदेश दिया।
मुंशीगंज के नोहरेपुर-रघुनाथपुर निवासी जितेंद्र सिंह ने 30 जुलाई 2010 की घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि गांव के गिरीश कुमार पांडेय व उनके घर वाले आबादी की जमीन की जोताई कर उसे अपने खेत में मिला रहे थे। विरोध करने पर गिरीश ने लाइसेंसी राइफल से जितेंद्र के पिता अयोध्याबख्स सिंह को गोली मार दी। उनकी मौके पर मौत हो गई थी। बीचबचाव करने पहुंचे रवींद्र सिंह पर भी राइफल की बट से हमला किया गया था।
इस मामले में गिरीश कुमार, उनके भाई सतीश व विनीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपपत्र अदालत में पेश किया। ट्रायल के दौरान विनीत की मृत्यु हो गई। प्रभारी डीजीसी क्रिमिनल पवन कुमार दूबे ने अभियोजन पक्ष के आठ गवाहों को पेश कराया। अदालत ने बुधवार को गिरीश व सतीश को हत्या सहित अन्य अपराधों में दोषी ठहराया था। शुक्रवार को जेल से तलब कर दोनों की सजा पर फैसला सुनाया गया। अदालत ने दोनों को जेल भेजने का आदेश दिया।
अयोध्याबख्स सिंह के पुत्र रवींद्र सिंह उर्फ मान सिंह ने कहा कि उनके पिता के हत्यारों को सजा मिली है। अदालत ने न्याय किया है। वह फैसले से संतुष्ट हैं।
क्राॅस मामले में दो भाई दोषमुक्त
गिरीश की ओर से जितेंद्र सिंह और रवींद्र सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले सहित अन्य आरोपों में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दोनों को दोषमुक्त कर दिया।