गौरीगंज (अमेठी)। मुठभेड़ के बाद एसओजी व लोकल पुलिस ने शुक्रवार रात जिले के दो टॉप-10 बदमाशों को धर दबोचा। पकड़े गए बदमाशों में से एक 25 हजार रुपये का ईनामी है। मुठभेड़ में एसओजी प्रभारी व एसएचओ शिवरतनगंज घायल हुए हैं।
जिले की पुलिस की ओर से इन दिनों टॉप-10 व पुरस्कार घोषित अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार रात मुखबिर ने एसओजी प्रभारी विनोद कुमार यादव को दो बदमाशों के जिले में आने की सूचना दी। सूचना पर सक्रिय एसओजी प्रभारी तत्काल मोहनगंज पहुंचे और एसएचओ विश्वनाथ यादव तथा एसएचओ शिवरतनगंज डीके सिंह के साथ कोटवा चौराहे पर आने जाने वालों की चेकिंग शुरू कर दी। रात करीब डेढ़ बजे पुलिस टीम को एक बाइक पर दो लोग आते दिखे।
पुलिस ने बाइक सवारों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की फायरिंग में गोली एसओजी प्रभारी के कन्धे के नीचे व एसएचओ डीके सिंह के बायें पैर के घुटने को छीलती हुई निकल गई। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के बायें पैर में गोली लगी और वे गिर पड़े।
दोनों बदमाशों पर काबू पाने के बाद एक की पहचान मोहनगंज थाने के गड़ेहरी गांव निवासी 25 हजार रुपये के ईनामी सुनील दीक्षित व दूसरे की भिलाई खुर्द निवासी अल्ताफ उर्फ धर्मेंद्र नट की रूप में हुई। सुनील दीक्षित के कब्जे से पुलिस को एक देशी पिस्टल व अल्ताफ के पास से देशी तमंचा बरामद हुआ। शनिवार को दोपहर बाद मीडिया से मुखातिब एसपी दिनेश सिंह ने मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों बदमाशों को शातिर लुटेरा बताया। कहा कि सुनील दीक्षित प्रतापगढ़ जिले में गैंगेस्टर एक्ट का वांछित भी है।