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Amethi News: नौ साल से सक्रिय है कछुआ तस्कर गिरोह

Sat, 31 Jan 2026 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी सिटी। जगदीशपुर के पालपुर गांव का मजरा गांधीनगर कछुआ तस्करी के लिए कुख्यात है। नौ साल पहले एसटीएफ ने गौरीगंज के चतुरीपुर गांव से 9000 कछुए बरामद किए थे। उस वक्त छह लोगों को तस्करी के आरोप में पकड़ा गया, जिनमें से तीन गांधीनगर के थे। तभी इस गांव का नाम चर्चा में आया।
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इसके बावजूद कछुओं की तस्करी नहीं रुकी। वर्ष 2017 से अब तक 11531 कछुए बरामद किए जा चुके हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि इस गिरोह का सरगना अब तक पकड़ा नहीं गया। या यूं कहें कि उसे पकड़ने का प्रयास नहीं किया गया, तभी तो कछुआ तस्करी बदस्तूर जारी है।


वर्ष 1985 में बसा था गांधीनगर : वर्ष 1985 में जल निगम रोड के पास खाली जमीन पर घुमंतू परिवारों ने डेरा डाला था। बाद में इसी बस्ती को गांधीनगर नाम दे दिया गया। शुरुआत में यहां बसे लोग भीख मांगकर या फिर मेहनत मजदूरी करके भरण पोषण करते थे। बाद के वर्षों में अवैध शिकार की प्रवृत्ति बढ़ी।
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मछली पकड़ने की आड़ में कछुओं की तस्करी का खेल शुरू हुआ। पुलिसिया जांच ये कहती है कि गांव के घुमंतू परिवारों से जुड़े कुछ लोगों को लालच देकर तस्करी में लगाया जाता है। गिरोह का संचालन करने वाला व्यक्ति बाहरी क्षेत्र का बताया जा रहा है, जो स्वयं सामने आए बिना हर बार नए लोगों के जरिए कछुओं की खेप आगे बढ़वाता है। किसी के पकड़े जाने की स्थिति में उसे अस्थायी तौर पर हटा दिया जाता है, जिससे नेटवर्क सुरक्षित रहे। (संवाद)
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