जगदीशपुर (अमेठी)। झमाझम बारिश ने शहर में रह रहे लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार सुबह हुई तेज बारिश के कारण किसी के घर तो किसी की दुकान में पानी घुस गया। इससे लोगों को काफी दिक्कत हुई। औद्योगिक क्षेत्र में भी जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में समस्या हो रही है।
कस्बे में नालियों की सफाई न करवाए जाने के कारण जगह-जगह चोक हैं। निकासी न होने से नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया। दुकान के भीतर रखा सामान भी भीग गया। जगदीशपुर पालपुर के अयोध्या रोड पर रहने वाले लोगों को जूझना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई कर्मी नियुक्त होने के बाद भी सड़क के एक तरफ नालियों के जगह जगह जाम होने से पानी नहीं निकलता है। सड़क किनारे बने लोगों के घर तालाब बन जाते हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में भी नालियों के जाम होने से बारिश का पानी सड़कों पर भरा रहता है। यूपीसीडा की नव निर्मित सड़कें खराब होने लगीं है। बुधवार सुबह हुई बारिश से स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों पर जल जमाव हो गया। मार्निंग वॉक पर निकले उद्यमियों ने सड़क किनारे बनी नालियां के चोक होने और उसके अगल बगल उगी झाड़ियों को देखकर नाराजगी जताते हुए इससे निजात दिलाने की मांग की है। लघु उद्योग भारती संगठन से जुड़े उद्यमियों ने जमे कूड़े को साफ कर ट्वीट कर स्थिति से अवगत कराया।
जायस पालिका का दफ्तर ही डूबा
जायस। बुधवार की सुबह हुई बारिश से नगर पालिका का कार्यालय पानी से लबालब भर गया। कार्यालय जाने वाले लोगों को इससे समस्या का सामना करना पड़ा। मौलवी कला गांव में सड़कें जलमग्न हो गई है। एक वृद्ध महिला के चबूतरे तक बारिश का पानी चढ़ जाने से वह परेशान दिखी, पूछने पर बताया कि हमारे पति मेहनत मजदूरी करते हैं। पानी निकास का कोई प्रबंध नहीं है। गांव निवासी नंद कुमार ने बताया कि नाली निकास न होने से हल्की सी बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती है।
पालिका के अधिशासी अधिकारी रविंद्र मोहन ने बताया कि मौलवी कला गांव जल्द ही नगर पालिका की सीमा में विस्तारित हुआ है, जलभराव की समस्या से लोगो को निजात दिलाई जाएगी। परिसर में जलमग्न होने की बात पर बताया कि बारिश के बाद वैकल्पिक व्यवस्था खोजी जायेगी ।
रास्ते पर पानी से आवागमन में परेशानी
गौरीगंज शहर के जीजीआइसी रोड, ओवर ब्रिज के नीचे, स्टेशन के बाहर बारिश का पानी जगह-जगह एकत्र हो गया। लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजा फत्तेपुर में जमुली, बाबा का पुरवा समेत कई गावों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गए इंटरलॉकिंग खड़ंजे बारिश के कारण धंस गए। छीतापुर को जोड़ने वाला मार्ग कीचड़ में तब्दील हो गया, जिससे इस मार्ग से होकर आने जाने वाले ग्रामीणों एवं छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खेती किसानी ने पकड़ी रफ्तार
भादर (अमेठी)। झमाझम बरसात से किसानों की छाई मायूसी खुशियों में बदल गई। पखवारे भर पूर्व से सूखे का दंश झेल रहे किसान काफी खुश है। खेतों में पानी भरने से खेती किसानी का काम तेज पकड़ने लगा है। किसान धान की फसल में यूरिया खाद डालने का कार्य कर रहे हैं तो धान की फसल में हुए खर पतवार के निराई का कार्य तेजी पकड़ लिया है।
क्षेत्र के पंकज सिंह, संतलाल पाल, रामफेर यादव, राजेश सिंह आदि किसानों ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि धान की फसल के लिए बारिश अमृत के समान है। सूखती जा रही फसल के अब दिन बहुरेंगे। (संवाद)
कहीं कहीं हल्की बारिश की संभावना
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के मौसम वैज्ञानिक अमरनाथ ने बताया कि बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 34.5 व न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 5.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। 4.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। कहा गयाकि आगामी 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने के साथ-साथ कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने की संभावना है।