फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amethi News: कोरोना पर भी कारगर होगी फाइलेरिया की ट्रिपल ड्रग थेरेपी

विज्ञापन
विज्ञापन
अमेठी। दस फरवरी से 27 फरवरी तक चलने वाले फाइलेरिया अभियान में इस बार ट्रिपल ड्रग थेरेपी दी जाएगी। अब तक टू ड्रग थेरैपी ही दी जाती थी। जिले की 21.93 लाख आबादी को दवा खिलाने के लिए 1,760 टीमें गठित की गई हैं। टीमों में शामिल 3,520 कर्मचारी घर-घर जाकर दवा खिलाने का काम करेंगे।
विज्ञापन

फाइलेरिया जैसी घातक बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रति वर्ष डाइएथाइल कार्बेमेजीन सीट्रेट व अल्बेंडाजोल की गोली दी जाती है। डब्ल्यूएचओ की सलाह पर इस बार शासन ने अब तक दी जाने वाली टू ड्रग थेरेपी के जहग ट्रिपल ड्रग थेरेपी देने का निर्णय लिया है। इस बार तीसरी दवा के रूप में आइबर मेक्टिन (तीन एमजी) खिलाई जाएगी। यह दवा फाइलेरिया परजीवी को समाप्त करने के साथ ही कोरोना संक्रमण को भी समाप्त करने में कारगर होगी।
अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तकरीबन पूरी कर ली है। जिले में रहने वाले 21 लाख 93 हजार 704 लोगों को दवा खिलाने के लिए 1760 टीमों का गठन कर दिया गया है। इसमें सभी 13 सीएचसी व 282 उपकेंद्र क्षेत्र के सभी घरों पर जाकर गठित टीम के 3,520 कर्मचारी परिवार के सभी सदस्यों (गंभीर रुप से बीमार, गर्भवती व एक वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को छोड़कर) को अपने सामने दवा खिलाने का काम करेंगे।
विज्ञापन

पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग की ओर से 298 पर्यवेक्षक भी नामित कर दिए गए हैं। यह लोग अभियान के दौरान गांवों में भ्रमणकर स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता जांचने व ग्रामीणों को इस दवा की डोज लेने के लिए जागरूक करने का काम करेंगे। जिला मलेरिया अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि इसके लिए जिला स्तर पर ब्लॉक के एक चिकित्सक एक बीसीपीएम, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पुरुष/महिला को प्रशिक्षित कर ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर बना दिया गया है।
जिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता विनीत कुमार ने बताया कि जिले की कुल आबादी के हिसाब से लक्षित लोगों को दवा खिलाने के लिए डाइएथाइल कार्बेमेजीन सीट्रेट की 48 लाख, अल्बेन्डाजोल की 19 लाख तथा आइबरमेक्टिन की 48 लाख गोली की जरूरत है। बताया कि राज्य स्तर पर पूरी दवाएं मिल गई हैं। जिला स्तर से उसका वितरण भी ब्लॉकवार कर दिया गया है।
सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर ने बताया कि यह बीमारी क्यूलेक्स मच्छर काटने से हाती है। फाइलेरिया से हाथी पांव (हाथ व पैर में), महिलाओं के ब्रेस्ट व पुरुषों के हाइड्रोशील में सूजन आ जाता है। यह भी बताया कि आइबर मेक्टिन पांच वर्ष से कम आयु वाले बच्चों तथा एक सप्ताह के भीतर प्रसव होने वाली महिलाओं को नहीं दी जाएगी।
एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि ट्रिपल ड्रग थेरेपी के लिए शासन द्वारा यूपी के आजमगढ़, बांदा, बाराबंकी, लखनऊ के साथ ही अमेठी को शामिल किया गया है। तीसरी दवा आइबरमेक्टिन खिलाने से फाइलेरिया परजीवी जैसे बुचेरेरिया बैंकोफ्टी, कीलनी, वीलर, जूं, खुजली व कोरोना आदि समाप्त हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें