गौरीगंज (अमेठी)। मनरेगा योजना के तहत प्रधान व अफसर मजदूरों से काम तो करा ले रहे लेकिन उनकी मजदूरी के भुगतान का कोई इंतजाम नहीं है। मजदूरी नहीं मिलने से परेशान मजदूर अब गांव छोड़कर रोजी-रोटी के लिए बाहर जाने को मजबूर हैं। यही नहीं सामग्री पर भी बकाया होने के चलते अब दुकानदार भी सामान देने से मना करने लगे हैं।
चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा योजना में बजट की भारी कमी चल रही है। शासन द्वारा राशि नहीं भेजने के चलते बड़ी मात्रा में मजदूरी व सामग्री का बकाया हो जा रहा है। ऐसे में अब मजदूर भी काम करने से कतराने लगे हैं।
मनरेगा योजना की बेवसाइट पर दर्ज आंकड़ों को आधार मानें तो 16 जनवरी तक जिले में मनरेगा योजना पर कुल 38 करोड़ 35 लाख 23 हजार रुपये का बकाया चल रहा है। पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार जिले भर में मजदूरी पर 40 लाख 11 हजार रुपये, मिस्त्री की मजदूरी पर दो करोड़ 71 लाख 87 हजार रुपये तो सामग्री पर 35 करोड़ 23 लाख 25 हजार रुपये का बकाया है।
शासन द्वारा मनरेगा योजना में दीपावली के बाद 31 दिसंबर को पूरे प्रदेश के लिए 840 करोड़ आवंटित हुए थे। राशि आवंटित होते ही एक साथ पूरे प्रदेश में भुगतान प्रक्त्रिस्या होने के चलते बस कुछ ही घंटों में राशि समाप्त हो गई। ऐसे में बड़ी मात्रा में मजदूरी व सामग्री का भुगतान नहीं हो सका।
नियमित रूप से मनरेगा योजना में काम करने वाले काफी दिनों से मजदूरी नहीं पाने से मजदूर परिवार चलाने में असमर्थ हो रहे हैं। ऐसे में मजदूर हर रोज संबंधित ग्राम प्रधान से मजदूरी की मांग करने उनके पास पहुंच जाते हैं। प्रधान भी शासन द्वारा राशि आने पर ही भुगतान होने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं।
अब तक हो चुका 1.41 अरब का भुगतान
मनरेगा योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में कुल एक अरब 41 करोड़ 76 लाख 33 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार मजदूरी पर 89 करोड़, 49 लाख, 60 हजार, मिस्त्री पर तीन करोड़ 61 लाख 88 हजार रुपये तो सामग्री पर 48 करोड़ 64 लाख 85 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। इसके बाद से अब तक शासन द्वारा मनरेगा खाते में राशि का आवंटन नहीं हो सका है।
जल्द होगा बकाया राशि का भुगतान
शासन से राशि समय-समय पर आवंटित होती रहती है। जारी मास्टर रोल के अनुसार ब्लॉक स्तर पर पहले से ही मजदूरी व सामग्री भुगतान के लिए डोंगल लगा दिया जाता है। राशि आते ही संबंधित के खाते में उनकी मजदूरी/बकाया अंकित हो जाती है। मजदूरी की राशि शासन से आना शुरू हो गई है। जल्द ही बकाया मजदूरी का भुगतान सभी को मिल जाएगा। बीसी सखी मजदूरों के घर व कार्य स्थल पर जाकर उनके खाते से राशि निकालकर उन्हें देने का काम कर रही हैं। सुनील त्रिपाठी, डीसी मनरेगा